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उत्तरी गुजरात बाढ़ पीड़ितों के लिए जमीअत द्वारा 462 मकानात बन कर तैयार

विजय न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली / अहमदाबाद। उत्तरी गुजरात के धानेरा में जुलाई के अंत में आए विनाशकारी बाढ़ पीड़ितों के लिए पुनर्वास के तहत 462 /मकानात तैयार हो चुके हैं जो जल्द जरूरतमंदों के हवाले कर दिया जाएंगे. बजाबादकारी की यह प्रक्रिया देश की महत्वपूर्ण संगठन जमीअत उलमा ए हिन्द ने पूरी की है, इस संबंध में आज संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने धानेरा और राधनपुर का दौरा किया और घरों का जायजा लिया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जमीअत उलमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी और महासचिव मौलाना महमूद मदनी के निर्देश पर संगठन के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने शुरू से राहत, सफाई और लोगों को व्यापार से जोड़ने और फिर पुनर्वास के तहत मकान निर्माण व मरम्मत की ज़िम्मेदारी पूरी की है.
याद रहे कि जमीअत उलमा ए हिन्द वह संगठन है जिसने लगभग दो सप्ताह तक धानेरा की हिन्दू बहुमत क्षेत्र में कीचड़ में दबे घरों की सफाई का बड़ा काम अंजाम दिया था। इस बीच संगठन ने यह महसूस किया कि बहुत जरूरतमंद लोगों के लिए मकानात बनाने की भी आवश्यकता है। इसलिए संगठन ने चार महीने मेहनत के बाद धानेरा में 366, राधानपुर के अतराफ़ में 63 और पाटन शहर में 33 /मकानात की मरम्मत और निर्माण पूर्ण कर लिया है।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मौलाना हकीमुद्दीन कासमी सचिव जमीअत उलमा ए हिन्द ने बताया कि कुल 33 /नए मकान हैं, मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने बताया कि जमीअत उलमा ए गुजरात के उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुलक़ुद्दूस पालणपुर, अतीकउर रहमान कुरैशी, मौलाना हिफ्जुर्रहमान और मौलाना यूनुस, मौलाना अबुल हसन, मौलाना शफ़ीक़ मालेगाव, मौलाना दाऊद, मौलाना इमरान आदि की देखरेख में यहां राहत और पुनर्वास कार्य पूरा हो चुका है, इन लोगों ने व्यापार से जोड़ने के लिए भी 80 / लारियां और २० केबिन बनाकर लोगों को सौंप दिया है, साथ ही शुरू में राहत के तहत पीड़ितों के लिए राहत शिविर और मेडिकल सेंटर भी स्थापित किए. जमीअत के वफ्द ने बताया कि कुछ घरों में लोग रहने भी लगे हैं लेकिन औपचारिक रूप से घरों का वितरण गुजरात चुनाव के बाद होगा। यह उम्मीद है कि उद्घाटन के अवसर पर मौलाना महमूद मदनी मौजूद रहेंगे। आज के वफ्द में मौलाना जाबिर हसनपुर, मौलाना इमरान गोला, मौलाना महम्मद यूनुस, मास्टर हुसैन, अब्दुल भाई समां, हाजी महमूद धानेरा, हाजी मोहम्मद रफ़ीक आदि शामिल थे।

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