न्यूज के लिए सबकुछ, न्यूज सबकुछ
ब्रेकिंग न्यूज़

उद्योगों के विकास में बैंकों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता : राजीव चावला

फरीदाबाद। आईएमएसएमई ऑफ इंडिया के प्रधान राजीव चावला ने कहा है कि बैंक अर्थव्यवस्था की धुरी होते है और उद्योगों के विकास में बैंकों के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। आज देशभर में अनेकों लघु, सूक्ष्म उद्योग ऐसे है, जो बैकों के सहयोग के चलते ही उन्नति की राह पर अग्रसर हो रहे है। श्री चावला कार्पाेरेशन बैंक द्वारा सेक्टर-11 में लघु एवं सूक्ष्य उद्योगों के लिए आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लघु, मध्यम एवं सूक्ष्य उद्योगों के ढांचागत विकास में बैकों की वित्तीय सहायता आक्सीजन का कार्य करती है और बैंकों द्वारा दी जाने वाली वित्तीय सहायता के बलबूते पर ही उद्योगों का विकास निश्चित होता है। किसी भी क्रेडिट आवश्यकताओं के लिए एमएसएम क्रेडिट सुविधा कारगर है और इसका उपयोग करना काफी सरल और सुविधाजनक है। श्री चावला ने सेमिनार में उपस्थित उद्यमियों से कहा कि अधिकतर उद्यमी प्रतिदिन काम की व्यस्तता के चलते अपने बिजनेस की ग्रोथ को बढ़ाने व भविष्य में उसके विस्तार को लेकर योजना नहीं बना पाते परंतु आईएमएसएमई ऑफ इंडिया एक ऐसा मंच है, जहां आकर वह अपने बिजनेस को नया स्वरुप दे सकते है। उन्होंने कहा कि अधिकतर उद्यमी सरकार की सब्सिडी की जानकारी न होने के कारण बैंकों को अत्यधिक ब्याज दे रहे है, जबकि आईएमएसएमई ऑफ इंडिया से जुडक़र वह न केवल सरकारी सब्सिडी हासिल कर सकते है बल्कि वह कई प्रकार ग्रांट हासिल करके अपने उद्योगों को आर्थिक रुप से मजबूत कर सकते है।

कार्पाेरेशन बैंक ने लघु, मध्यम एवं सूक्ष्य उद्योगों के लिए आयोजित किया सेमिनार

उन्होंने उद्यमियों से आह्वान किया कि वह आईएमएसएमई ऑफ इंडिया से जुडक़र आज के प्रतिस्पर्धी युग में आगे रहे। उन्होंने कार्पाेरेशन बैंक की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बैंक भी समय-समय पर उद्योगों को भरपूर सहयोग करता है और उन्हें ऋण के साथ-साथ अन्य प्रकार की योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित कर रहा है। इससे पूर्व उन्होंने दीप प्रज्जवलित करके सेमिनार का शुभारंभ किया। कार्पाेरेशन बैंक के अधिकारियों ने श्री चावला का सेमिनार में पहुुंचने पर बुक्के देकर स्वागत किया। बैंक अधिकारियों ने श्री चावला को विश्वास दिलाते हुए कहा कि मौजूदा परिवेश में उद्योगों के समक्ष फाईनेंस एक बड़ी समस्या है परंतु कार्पाेरेशन बैंक सदैव उद्योगों के विकास के लिए तत्पर रहा है और बैंक ने उद्योगों को संरक्षण देने के लिए कई तरह की योजनाएं क्रियान्वित की है, जिनका लाभ उठाकर लघु, मध्यम एवं सूक्ष्य उद्योग विकसित हो सकते है। इस निशुल्क सेमिनार में सैकड़ों लघु, मध्यम एवं सूक्ष्य उद्योग से जुड़े लोगों ने बैंक की ऋण संबंधी योजनाओं के साथ-साथ अन्य स्कीमों के बारे में भी जानकारी हासिल की।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar