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औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में पूरा दिन छाई रही स्मॉग की चादर

आंखों में जलने की शिकायतें बढ़ी, सांस के मरीज भी बहुत परेशान

फरीदाबाद। राजधानी दिल्ली से सटी औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में मंगलवार सुबह लोगों का सामना घने कोहरे के साथ हुआ। इससे वाहन चलाने वालों को भी कुछ परेशानी का सामना करना पडा। वहीं कुछ लोगों ने इसे सर्दियों की शुरुआत करार दिया। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, कोहरा घटना बजाए बढ़ता गया और दोपहर 12 बजे भी ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे मानो सुबह के सात बजे हो। बाद में जब सांस के मरीजों को सांस लेने एवं लोगों को आंखों में जलन महसूस होने लगी, तब उन्हें पता चला कि यह कोहरा बल्कि स्मॉग है। इसकी वजह हवा में मौजूद नमी का होना और हवा की रफ्तार का कम होना होता है। लेकिन यदि हवा की रफ्तार बेहद कम हो जाए तो स्थिति खराब हो जाती है। सीपीसीबी के मुताबिक इसको एयरलॉक कहा जाता है। ऐसे में इंसानी शरीर को नुकसान देने वाले वो कण जो हवा में लगातार तैरते रहते हैं एक जगह स्थिर हो जाते हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वैसे तो फरीदाबाद में प्रशासनिक सख्ती के कारण न तो पराली जली दिखी और इस दिवाली पर पिछले पांच सालों की अपेक्षा बहुत कम आतिशबाजी छोड़ी गई। इसके बावजूद औद्योगिक स्मॉग की चपेट में आ चुकी है। मौसम विभाग के सूत्रों की माने तो यह स्थिति आने वाले तीन-चार दिनों तक यथावत बनी रहेगी। इस स्मॉग के कारण सूरज के दर्शन तक नहीं हुए और दिनभर लोगों की आंखों में धुआं सा लगता रहा। मौसम में अचानक आया बदलाव सब्जी और बरसीम की फसल के लिए नुकसानदायक है। वहीं, दृश्यता कम होने के कारण ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा। लंबी दूरी ट्रेनें से एक से छह घंटे देरी से चल रही थी। गौरतलब है कि मंगलवार सुबह-सवेरे वातावरण में धुंध सी छाई हुई थी। दिन चढऩे के साथ कोहरे जैसा होने लगा। ग्रामीण क्षेत्रों में दृश्यता 50 मीटर से भी कम थी। कुछ जगहों पर 10-20 मीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। इससे वाहन रेंग कर चल रहे थे। विशेषज्ञों के मुताबिक धुंध और धुआं मिक्स होने से वातावरण में स्मॉग बन गया।  दृश्यता कम होने के कारण ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। पैसेंजर से लेकर लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से आधा से आठ घंटे देरी से चल रही थी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश या हवा स्मॉग से राहत दिला सकते हैं। फिलहाल न तो हवा चल रही और न ही बारिश हुई इसलिए 9 नवंबर को हवा चलेगी, तब स्मॉग से छूटकारा मिल सकता है। स्मॉग हवा के साथ मध्य भारत की ओर चला जाएगा। उधर दिल्ली एनसीआर देश के सबसे प्रदूषण शहरों में गिना जाता है और औद्योगिक नगरी भी एनसीआर में आती है इसलिए यहां वाहनों की अधिक आवाजाही के साथ-साथ औद्योगिक इकाईयों से भी प्रदूषण होता है। प्रदूषण विभाग द्वारा पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए योजनाएं तो बनाई जाती है परंतु उन्हें कारगर तरीके से सिरे नहीं चढ़ाया जाता। विशेषज्ञों के अनुसार फरीदाबाद सहित दिल्ली-एनसीआर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण बढ़ी हुई धूल और सडक़ पर यह वाहनों से निकलने वाले हानिकारक पार्टिकल के साथ मिलकर और भी अधिक खतरनाक साबित होगी।

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