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कांग्रेस ने मारी बाजी, रुझानों में बहुमत

राजस्थान l राजस्थान विधानसभा चुनाव के रुझानों में कांग्रेस फिर बहुमत के पार पहुंच गई है. कुछ देर पहले कांग्रेस 92 तक पहुंच गई थी, जिसके बाद अब एक बार फिर उसने वापसी की है. कांग्रेस का आंकड़ा 101 पहुंच गया है. बीजेपी अब खिसककर 76 सीटों पर आ गई है. वहीं अन्य उम्मीदवार निर्णायक भूमिका में हैं और 23 सीटें ऐसी हैं, जहां अन्य उम्मीदवार आगे चल रहे हैं.
दिग्गज नेताओं में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे झालरापाटन, टोंक से सचिन पायलट, सरदारपुरा से अशोक गहलोत आगे चल रहे हैं. वहीं बीजेपी में मौजूदा गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया उदयपुर से पीछे चल रहे हैं. झालरापाटन से बीजेपी के दिग्गज नेता रहे जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह पीछे चल रहे हैं. उनके सामने प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हैं. बता दें कि मानवेंद्र सिंह हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए थे और कांग्रेस ने उन्हें शिव विधानसभा सीट के बजाय राजे के सामने उतारा था.
इस बार राजस्थान में अन्य भी निर्णायक भूमिका में नजर आ रहे हैं. इन उम्मीदवारों में किशनगढ़ से सुरेश टाक (निर्दलीय), खंडेला से महादेव सिंह खंडेला, खींवसर से हनुमान बेनिवाल, गंगापुर से रामकेश, थानागाजी से कान्ति प्रसाद, दूदू से बाबूलाल नागर, नगर से वाजिब अली, फलौदी से कुम्भसिंह, बस्सी से लक्ष्मण मीणा, बहरोड़ से बलजीत यादव, भरतपुर से दलवीर सिंह, भादरा से बलवान पूनियां, भोपालगढ़ से पुखराज, मेड़ता से इन्दिरा देवी, श्रीडूंगरगढ़ से गिरधारीलाल, सिरोही से संयम लोढ़ा का नाम शामिल है.
कांग्रेस की बढ़त को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि मुख्यमंत्री का मामला आपके सामने नहीं कहूंगा और यह राहुल गांधी की मेहनत है. साथ ही गहलोत आश्वस्त हैं कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी. साथ ही गहलोत ने कहा,’अगर निर्दलीय हमारे साथ आएं तो स्वागत और बहुमत होने पर भी गैर बीजेपी दलों का स्वागत किया जाएगा. बीजेपी ने बिना मुद्दे के चुनाव लड़ा और राजस्थान में कांग्रेस को जनादेश मिला.’
वहीं सचिन पायलट ने कहा कि राजस्थान में पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी और उन्होंने आशीर्वाद के लिए जनता का शुक्रिया अदा किया. साथ ही पायलट ने कहा, ‘मुख्यमंत्री पद पर फैसला आलाकमान की ओर से किया जाएगा. हमनें राहुल के नेतृत्व में 5 साल काम किया है और राहुल जी के लिए तोहफे की तरह है.’ इसके अलावा बीजेपी के एकमात्र मुस्लिम उम्मीदवार युनूस खान भी टोंक से पीछे चल रहे हैं. वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी और सीपी जोशी (नाथद्वारा) से पीछे चल रहे हैं.

जयपुर शहर का हाल
* झोटवाड़ा से लालचंद कटारिया (कांग्रेस), हवामहल से महेश जोशी (कांग्रेस), विद्याधर नगर से नरपत सिंह राजवी (बीजेपी),
सिविल लाइंस से प्रताप सिंह खाचरियावास (कांग्रेस), किशनपोल से अमीन कागजी (कांग्रेस), आदर्श नगर से रफीक खान (कांग्रेस), मालवीय नगर से अर्चना शर्मा (कांग्रेस), सांगानेर से अशोक लाहोटी (बीजेपी) आगे चल रहे हैं.

ताजा रुझान/नतीजे
* 200 विधानसभा वाले राजस्थान की 199 सीटों पर 7 दिसंबर को वोटिंग हुई थी. बता दें कि सबसे पहले पोस्टल बैलेट की वोटिंग की जाती है और उसके बाद ईवीएम से गिनती की जाती है. इस बार चुनाव अधिकारी हर दौर के रुझान की जानकारी लिखित में देंगे.
इस बार चुनावी रण में कुल 4,74,79,402 मतदाताओं ने 2274 उम्मीदवारों की किस्मत को वोटिंग मशीन में कैद किया है. प्रदेश में 142 सीटें सामान्य, 34 सीटें अनुसूचित जाति और 25 सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक करीब 72 फीसदी लोगों ने अपने मत का इस्तेमाल किया.
प्रदेश की रामगढ़ सीट पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन हो जाने से यहां वोटिंग स्थगित हो गई और प्रदेश की 199 सीटों पर ही वोटिंग हुई. सूबे में कांग्रेस के 194, भारतीय जनता पार्टी के 199, बहुजन समाज पार्टी के 189, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का 01, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 16 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 28 उम्मीदवार अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे हैं. वहीं 830 निर्दलीय चुनावी मैदान में है.
राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने जा रहे हैं. एग्जिट पोल के अनुसार, इन सभी राज्यों में राजस्थान कांग्रेस के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां कांग्रेस की वापसी की संभावनाएं ज्यादा है. आज तक-एक्सिस के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 55-72 सीट, कांग्रेस को 119-141 सीट, और अन्य को 4-11 सीट का अनुमान है.

विधानसभा का वर्तमान गणित
*2013 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और उसने 163 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जबकि कांग्रेस 21 सीटों पर सिमट गई थी. बहुजन समाज पार्टी को 3, नेशनल पीपुल्स पार्टी को 4, नेशनल यूनियनिस्ट जमींदारा पार्टी को 2 सीटें मिली थीं. जबकि 7 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे.

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