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कांग्रेस ने हाईकोर्ट में की 50 फीसदी मतदान केंद्रों में वीवीपैट पर्ची की गिनती की मांग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने गुरूवार को उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर अनुरोध किया है कि चुनाव आयोग के दिशानिर्देश का सख्ती से पालन कराया जाए तथा सभी निर्वाचन क्षेत्रों के कम से कम 50 फीसदी मतदान केंद्रों में वीवीपैट पर्ची की गिनती सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश कांग्रेस के महासचिव गिरीश देवांगन द्वारा लगाई गई याचिका को उच्च न्यायालय ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। इस पर सुनवाई मतगणना के एक दिन पूर्व 10 दिसम्बर को होगी। अधिवक्ता सतीश चन्द्र वर्मा ने बताया छत्तीसगढ़ में विगत माह सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में मतदान के बाद ईवीएम से छेड़छाड़ की शिकायतें मिलने के बाद न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की गई है। याचिका में चुनाव आयोग के दिशानिर्देश का सख्ती से पालन करने और मतगणना के दौरान सभी निर्वाचन क्षेत्रों में कम से कम 50 फीसदी मतदान केंद्रों में वीवीपैट से निकली पर्ची की गिनती सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि राज्य में ईवीएम की सुरक्षा में चूक हुई है। इसी तरह की कई और शिकायतें भी हैं। याचिका में मांग भी की गई है कि स्ट्रांग रूम और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की सुरक्षा को पुख्ता किया जाए तथा चुनाव के दौरान उपयोग में लाई गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और उपयोग में नहीं लाई गई वोटिंग मशीन को अलग अलग किया जाए।
याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि पहले राउंड की मतगणना और उसके नतीजे की घोषणा होने के बाद ही दूसरे राउंड की प्रक्रिया संपन्न कराई जाए। मतदान तथा मतगणना प्रक्रिया में मौजूदा राज्य और केंद्रीय मंत्रियों द्वारा सत्ता का दुरुपयोग करने से रोका जाए। छत्तीसगढ़ में 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो चरणों में 12 और 20 नवंबर को मतदान संपन्न हुआ था। मतगणना के लिए आगामी 11 दिसंबर की तिथि निर्धारित है। मतदान के बाद से ही कांग्रेस लगातार ईवीएम की सुरक्षा का मुद्दा उठाती रही है। कांग्रेस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ के अनेक विधानसभा क्षेत्रों से शिकायतें भी दर्ज कराई है। राज्य के धमतरी और बेमेतरा जिले में ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका की शिकायत भी की गई थी। धमतरी के तहसीलदार को इस मामले में निलंबित भी किया गया है। कांग्रेस वीवीपैट पर्ची के जरिए भी गिनती की मांग करती रही है।

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