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कृषि ज्योति परियोजना से बदल रही है अलवर और नूंह के स्कूलों और गांवों की तकदीर

गुड़गांव. कृषि ज्योति परियोजनासे अलवर और नूंह के स्कूलों और गांवों की तकदीर बदलना शुरू हुई है. हरियाणा के नूंह और राजस्थान के अलवर जिलेके 60 से अधिक गांवों में मोजेक इंडिया और सहगल फाउंडेशन पायलट प्रोजेक्ट के तहत कृषिज्योतिपरियोजनाचलारहीहै.परियोजना के तहत कृषि विकास, जलसरंक्षण और स्कूलों के नवीनीकरण का कार्य किया जाताहै. योजना के तहत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और विशेषकर महिला किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित किया जाता है और उन्हें मिट्टी और वातावरण को अनुरूप फसलें उगाने के लिए प्रेरित तथा प्रशिक्षित किया जाता है. इस परियोजना के तहत हाल ही में अलवर की रामगढ़ तहसील के गांव डोली स्थित स्कूल का नवीनीकरण सम्पन्न हुआ है.स्कूल नवीनीकरणसम्पन्न होने और इसे स्कूलीबच्चों, प्रबंधन औरसमुदाय को समर्पित करनेनके अवसर परसमारोह आयोजित किया गयाजिसमें स्कूली अध्यापकों और बच्चों के अलावा बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावकों तथा पंचायत और ग्राम सभाओं के प्रतिनिधियों को अलावा कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं और नवीनीकरण पर प्रसन्नता प्रकट की तथा स्थानीय समुदाय के लोगों, स्कूल प्रबंधन तथा बच्चों, स्कूल प्रबंधन, स्थानीय समुदाय तथा क्षेत्र के चुने हुए प्रतिनिधियों ने सहगल फाउंडेशन और मोजेक इंडिया के प्रतिनिधियों का स्वागत किया. नवीनीकरण समारोह में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं को देखकर मुख्यअतिथि को रूप में उपस्थित मोजेक इंडिया की वरिष्ठ उपाध्यक्ष कॉरीन किम ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहाकि बच्चों की शिक्षा के प्रति महिलाओं की उत्सुकता और भागीदारी इस बात का संकेत है कि ग्रामीण महिलाएं अब अपने बच्चों की शिक्षा के लेकर अधिक जागरूक हो रही हैं और बच्चों को समुचित और सुरक्षित माहौल में शिक्षा दिलाने के लिए अधिक सचेत हैं. कार्यक्रम में मोजेकइंडियाकीवाइस प्रेसिडेंट कॉरीनरिकार्ड, मोज़ेककेएम.डी. रोबिनएडविन,कंट्रीअग्रोनोमिस्टशशिकान्तभेंडेभीशामिलहुए. सहगल फाउंडेशन केसीएफ ओरमेशकपाही ,प्रोजेक्टडायरेक्टर अंजलिगोदयाल, प्रोजेक्टलीडरअरविन्दराणाऔरप्रोजेक्टटीमसेशैलेशपन्त ने हिस्सा लिया. रमेश कपाही ने उपस्थित स्कूल प्रबंधन व जनसमुदाय से स्कूल में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की उचित देखभाल की अपील की और कहाकि स्कूलमें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से बच्चे खुशी से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे.
सहगल फाउंडेशन की सूचना अधिकारी सोनिया चोपड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल का नवीनीकरण होने से स्कूल के विद्यार्थी, अध्यापक तथा क्षेत्र के स्थानीय निवासी बहुत खुश हैं. उन्होंनेबताया कि नवीनीकरण के तहत स्कूल की चारदीवारी का निर्माण व ऊंचाई बढ़ाना, लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग शौचालयौं की व्यवस्था, कमरों व रसोई घर की मरम्मत, और पीने के पानी की सुविधाएंउपलब्ध कराई गई हैं. इसके जमीन को समतल करना, फुटपाथ, वृक्षारोपण और परिसर का सौंदर्यीकरण, स्कूल की इमारत की सफेदी, दीवार चित्र और शैक्षिक संदेश के बहुत सारे नारे बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूल के परिसर में लिखे गए है. स्कूल केनवीनीकरण एवं सौंदर्यीकरण में ग्रामीणों, ग्राम विकास समिति, और स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों का योगदान अन्य गांवों के लिए अनुकरणीय उदहारण है.कृषिज्योतिपरियोजनाकेतहतएसएमसहगलफाउंडेशनऔरमोजेकइंडियाप्राइवेट लिमिटेड ने ग्रामपंचायत,ग्रामविकाससमितिऔरस्कूलप्रबंधनसमितिकेसहयोगस्कूलमेंसमस्त मूलभूतसुविधाएंमुहैयाकरानेमेंसफलताप्राप्तकीहै.अरविंद राणा ने कहाकि आशास्कूल का नवीनीकरण होने और स्कूल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से निश्चित रूप से बच्चोंकी शिक्षा का शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ेगा और स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ेगी तथा स्थानीय समाज को इससे विशेष लाभ होगा और वह अपने बच्चों को अच्छे वातावरण में स्तरीय शिक्षा प्रदान कर सकेंगे.

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