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खुश नसीब है वो, जिनके हिस्से में ये मुकाम आया है, पुन: सलाम है…

फरीदाबाद। पुलिस कमिश्रर डा. हनीफ कुरैशी के दिशा निर्देश पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय विक्रम कपूर की अगुवाई में फरीदाबाद पुलिस द्वारा स्मृति परेड का आयोजन कर अमर शहीदों की याद में ’’पुलिस शहीदी दिवस’’ मनाया गया। विक्रम कपूर ने शहीद स्मारक पर फूल चढ़ा कर अमर शहीदों की कुर्बानी को याद कर उन्हें नमन किया और कहा कि अमर जवान शहीदों को कभी बुलाया नही जा सकता। इस मौके पर विरेन्द्र विज, डी.सी.पी ट्रैफिक, भूपेन्द्र, डी.सी.पी सैन्ट्रल, विष्णु दयाल, डी.सी.पी बल्लभगढ, आत्मा राम ए.सी.पी सैन्ट्रल, एस.एच.ओ. व अन्य पुलिस अधिकारियों ने शहीद जवानों की कुर्बानी को याद कर उन्हें नमन किया। विक्रम कपूर ने बताया कि 21 अक्तुबर 1969 को उत्तरी-पूर्वी लदाख के हॉट स्प्रिंग नामक स्थान पर चीनी सैनिकों द्वारा करम सिंह के नेतृत्व वाली भारतीय पुलिस की एक पूर्व निरीक्षण पार्टी पर हमला कर दिया था, जिसमें बड़ी बहादुरी के साथ लड़ते हुए पुलिस के 10 जवान शहीद हो गए थे, सात को बंदी बना लिया था और बाकी बच निकलने में सफल हो गए थे। उन शहीद जवानों की याद में वर्ष 1960 से प्रतिवर्ष आज के दिन पुलिस स्मरणोत्सव स्मृति परेड के आयोजन के शुरूआत की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर उन जवानों के अतिरिक्त कत्र्तव्य पालन करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले संपूर्ण भारतीय पुलिस के जवानों के नाम का स्मरण करके उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। इस वर्ष 1 सितंबर, 2016 से 31 अगस्त, 2017 तक देश की आंतरिक सुरक्षा और आतंकवादी गतिविधियों से लड़ते हुए भारत के सभी राज्यों की पुलिस के 370 जवानों को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी।

‘शहीदी दिवस’ पर पुलिस लाईन में शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

उन्होंने कहा कि भारतीय पुलिस एक है चाहे वो किसी प्रान्त की पुलिस हो या चाहे सी.आर.पी.एफ., एन.आई.ए., बी.एस.एफ. हो या दुसरे बल। भारत की एकता और स्वतंत्रता को बनाये रखने मे भारतीय पुलिस का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। हम शहीद जवानों से प्ररेणा लेते है कि असामाजिक तत्व व आतंकवादियों से अपने देश के राज्य के नागरिकों की रक्षा के लिए अदम प्रयास करगें चाहे उसमें हमारी जान जाने का डर भी क्यों न हो। विक्रम कपूर ने शहीदों की याद में कुछ लाईनें बोलते हुए कहा कि ’’ खुश नसीब है वो, जिनके हिस्से में ये मुकाम आया है, पुन: सलाम है उन वीरों को जिनका खून देश के काम आया है’’।

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