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गांधी जयंती पर सांसद आरके सिन्हा ने बेतिया से शुरू की पदयात्रा

– पदयात्रा को सिन्हा ने दिया गांधी का ‘रामराज’ और मोदी का ‘सुराज’ नाम
– चंपारण की धरती ने दी थी स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा: सिन्हा

विजय न्यूज़ ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर भाजपा के राज्यसभा सदस्य आरके सिन्हा ने पश्चिमी चंपारण के बेतिया से बुधवार को पदयात्रा की शुरुआत की। इस मौके पर एक सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा सांसद ने कहा कि यह वह धरती है, जिसने स्वाधीनता आंदोलन को नई दिशा दी थी।

कार्यक्रम का प्रारम्भ भोजपुरी लोक गीत से किया गया जिसके माध्यम से बताया गया कि गांधी जी के रामराज को मोदी जी अपनी सु-राज की नीतियों से साकार कर रहे हैं। लोक गीत की इस लाइन के जरिये ‘सौ-सौ बार नमन बा भारत के रतन…’ गांधी जी को नमन किया गया। इसके अलावा लोक गीत में ‘तीन कट्ट्हा नील के खेती…’ का उल्लेख करके चंपारण की मशहूर नील की खेती और सत्याग्रह की धरती को याद किया गया। इतना ही नहीं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा यूरिया एवं पोटाश की खेती से धरती को होते नुक़सान के बारे में ‘करी जैविक खेती..’ लोक गीत से अवगत कराया गया। भोजपुरी लोक गीत से ‘नशा बंदी अभियान’ का भी सन्देश देने की कोशिश की गई।

पश्चिमी चंपारण के बेतिया नगर स्थित हजारीमल धर्मशाला के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में सिन्हा ने कहा कि गांधीजी के विचार आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं। 102 वर्ष पहले चंपारण में एक ऐसा व्यक्ति यहां आया था, जो न भोजपुरी बोल सकता था और न ही शुद्ध हिंदी। वे महात्मा गांधी ही थे जो यहां के किसानों पर हो रहे अत्याचारों का विरोध करने के लिए चंपारण आए थे। चंपारण ने मोहन दास करमचंद गांधी को महात्मा बनाया है।

पहले सत्याग्रह की शुरुआत गांधी जी ने चंपारण से की थी। ज़मींदार हज़ारीमल जी चंपारण की धरती पर गांधी जी का स्वागत करने अंग्रेज़ों से ख़तरे के बावजूद आए थे। गांधीजी के सिद्धांत- सविनय अवज्ञा, सत्याग्रह और अहिंसा की शुरुआत यही चंपारण से हुई थी।

उन्होंने कहा कि गांधीजी ने शिक्षा, स्वच्छता और स्वावलंबन के रास्ते देश के विकास और प्रगति की परिकल्पना की थी। उन्होंने पदयात्रा को गांधी का रामराज और मोदी का सुराज नाम देते हुए कहा कि गांधी के विचारों के प्रचार-प्रसार और नरेंद्र मोदी के विकास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पदयात्रा के दौरान लोगोंं से संपर्क स्थापित किया जायेगा। इससे पूर्व सिन्हा और अन्य अतिथियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने यहां शिक्षा, स्वच्छ्ता और स्वावलंबन का अभियान प्रारम्भ किया था। बापू और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी शिक्षा का मतलब स्किल डेवलपमेंट है। गांधी जी का राम राज ही मोदी का सु-राज है।

इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने चंपारण और बेतिया की धरती का महत्व और गांधीजी के सिद्धांतों से अवगत कराया। पदयात्रा के दौरान बड़ी संख्या में बेतिया नगर के नागरिक, भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पदयात्रा के संबंध में राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा के प्रतिनिधि सुरेन्द्र ने बताया कि पदयात्रा के दौरान जगह-जगह कई कलाकार राष्ट्र के नवनिर्माण पर आधारित गीत-संगीत की प्रस्तुतियां भी देंगे। इस पदयात्रा के माध्यम से वह चंपारण में उन सभी स्थानों की यात्रा करेंगे, जहांं-जहांं महात्मा गांधी 1917-18 में गये थे। पदयात्रा के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के देशभक्तों के स्मारकों पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन भी अर्पित करेंगे।

इस मौके पर मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद डॉ. संजय जायसवाल, विशिष्ट अतिथि भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेणु देवी, प्रदेश मंत्री राजेश वर्मा, सज्जल झा, विधायक भागीरथी देवी, विधायक नारायण प्रसाद, प्रकाश राय, सत्येन्द्र शरण, भाजपा के जिलाध्यक्ष गंगा प्रसाद पाण्डेय और पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र मिश्र मौजूद थे।

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