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गुनाहों की सजा की पहली रात : राम रहीम को मिला नया कैदी नंबर 8647

दो साध्वियों से रेप के मामले में गुरमीत राम रहीम को सजा मिल ही गई। दोनों ही मामलों में उसे 10-10 साल यानी कुल 20 साल की सजा हुई। अब राम रहीम को 20 साल तक जेल में ही चक्की पीसनी पड़ेगी। सजा सुनाए जाने के बाद मंगलवार की रात जेल में उसकी पहली रात थी। इससे बचने के लिए उसने कई पैतरें अपनाएं। कभी बीमारी का नाटक तो कभी बीपी बढ़ने का ड्रामा। लेकिन जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे फिट घोषित किया। खबर है कि राम रहीम को अन्य कैदियों से अलग रखा गया है। ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है। उसका सेल प्रशासनिक दफ्तर के सबसे नदीक रखा गया है। इतना ही नहीं ये भी खबर है कि राम रहीम पूरी रात बैरख में जागता रहा।

रात भर सेल में टहलते रहे राम रहीम
मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, गुरमीत राम रहीम पूरी रात जेल में इधर-उधर टहलता रहा। उन्हें खाने में 4 रोटी और सब्जी दी गई, लेकिन उन्होंने खाना ठीक से नहीं खाया। सिर्फ आधी रोती और थोड़ी सी सब्जी खाई।

जेल में करनी पड़ेगी मजदूरी
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जेल में मजदूरी करवाई जा सकती है,लेकिन वह मजदूरी के लिए फिट है या नहीं इसकी जांच होगी। अगर वह जांच में फिट नहीं पाए गए तो उन्हें चारपाई और कुर्सी बनाने का काम दिया जाएगा। बागवनी और बिस्कुट बनाने का काम भी दिया जा सकता है। ड्यूटी का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे है।

1997 नहीं अब मिली नई पहचान
दोषी पाए जाने के बाद राम रहीम को रोहतक की जले में 1997 कैदी नंबर दिया गया था। लेकिन 20 साल की सजा सुनाए जाने के बाद जेल प्रशासन ने उसे नई पहचान दी है। मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक राम रहीम को जेल प्रशासन ने नया कैदी नंबर 8647 दिया है। इतना ही नहीं उसका सेल भी प्रशासनिक दफ्तर के सबसे नदीक रखा गया है।

दो मामलों में 10-10 साल की जेल
बता दें कि अपनी दो शिष्याओं के साथ 18 साल पहले दुष्कर्म करने और आपराधिक धमकी देने के अपराध में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दो मामलों में 10-10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। रोहतक के सुनारिया जिला जेल के पुस्तकालय में ही लगाई गई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद राम रहीम के वकील एस. के. गर्ग नरवाना ने कहा कि दोनों ही सजा बारी-बारी से भुगतनी होंगी।

हर पीड़िता को 14-14 लाख का मुआवजा
चंडीगढ़ से हेलीकॉप्टर के जरिए रोहतक पहुंचे और डेरा प्रमुख को सजा सुनाने वाले सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश जगदीप लोहान ने अपने फैसले में कहा कि जुर्माने की राशि में से ही प्रत्येक पीड़िता को 14-14 लाख रुपये बतौर मुआवजा दिया जाए। इससे पहले अदालत के फैसले को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही और ऐसी खबरें चलीं कि डेरा प्रमुख को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। बाद में डेरा प्रमुख के वकील ने स्थिति स्पष्ट की। अदालत ने शुक्रवार को डेरा प्रमुख को 1999 में अपनी दो शिष्याओं से दुष्कर्म करने और आपराधिक धमकी देने का दोषी करार दिया था। मामले में शिकायत 2002 में दर्ज हुई थी।

सजा सुन रोने लगे राम रहीम
सुनारिया जिला जेल में लगी इस अदालत में नाटकीयता भी देखने को मिली, जब गुरमीत राम रहीम हाथ जोड़कर रुआंसे अंदाज में न्यायाधीश से माफी की भीख मांगने लगे। जैसे ही सजा सुनाई गई राम रहीम वहीं फर्श पर बैठ गए और रोने लगे। जेल के वार्डन ने राम रहीम को वहां से हटाया।

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