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चिदंबरम को झटका, अब 30 तक CBI रिमांड

नई दिल्ली . कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने चिदंबरम को 30 अगस्त तक पुलिस रिमांड (सीबीआई रिमांड) में भेज दिया है। सीबीआई के जज अजय कुमार ने कहा कि सीबीआई की मांग पूरी तरह ‘न्यायपूर्ण’ है कि चिदंबरम को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा जाए। अपने फैसले में जज ने कहा, ‘यह जांच अधिकारी का विशेषाधिकार है कि कानून के दायरे में आगे बढ़े। मुझे लगता है कि आरोपी पी चिदंबरम की कस्टडी की मांग पूरी तरह न्यायपूर्ण है। आरोपी को 30 अगस्त तक हिरासत में भेजा जाता है।’
कोर्ट ने चिदंबरम के परिवार और वकीलों को उनसे सीबीआई कस्टडी में रोजाना 30 मिनट तक मिलने की इजाजत भी दी है। चिदंबरम को 22 अगस्त को सीबीआई की कस्टडी में भेजा गया था। 26 अगस्त (आज) को इस कस्टडी का समय पूरा हो गया था, जिसके बाद चिदंबरम को कोर्ट के सामने पेश किया गया। सीबीआई ने कोर्ट से चिदंबरम के लिए 5 दिन की रिमांड मांगी थी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएन नटराज सीबीआई की तरफ से दलील देते हुए कहा कि चिदंबरम को हिरासत में रखकर पूछताछ करने के पर्याप्त कारण हैं। चिदंबरम से अन्य आरोपियों के साथ पूछताछ की गई है। यह पूछताछ अभी पूरी नहीं हुई है। इस दौरान कोर्ट में आरोपी चिदंबरम और अन्य आरोपियों के बीच हुई ईमेल की जानकारी भी दी गई।

नीति आयोग की CEO से चिदंबरम का सामना
सीबीआई ने चिदंबरम और नीति आयोग की सीईओ सिंधुश्री खुल्लर को साथ बैठाकर पूछताछ की। 1975 बैच की आईएएस ऑफिसर खुल्लर उस समय वित्त मंत्रालय में अपर सचिव के पद पर तैनात थीं, जिस समय आईएनएक्स मीडिया का मामला आगे बढ़ रहा था। खुल्लर सोमवार सुबह सीबीआई हेडक्वॉर्टर पहुंची, लेकिन सवाल-जवाब पूरे नहीं हो सके। खुल्लर को मंगलवार को फिर से बुलाया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में भी अग्रिम जमानत खारिज
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी पूर्व मंत्री की अग्रिम जमानत की याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया था कि सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी होने के बाद इस याचिका का कोई मतलब नहीं रह जाता है। हालांकि कोर्ट ने चिदंबरम को ईडी से गिरफ्तारी के मामले में एक दिन की राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ईडी केस की सुनवाई मंगलवार को करेगा।

‘जमानत के लिए जाएं निचली अदालत’
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस भानुमति की पीठ ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती है। पीठ ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट के पहले का फैसला है। कोर्ट ने कहा कि अगर चिदंबरम को सीबीआई मामले में राहत चाहिए तो उन्हें निचली अदालत में जाना होगा और वहीं से राहत की मांग करनी होगी। शीर्ष अदालत ने कहा कि रेग्युलर बेल के लिए आपको उचित अदालत में जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि सीबीआई रिमांड वाली याचिका अब अर्थहीन हो चुकी है। बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा INX मीडिया केस में अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद 21 अगस्त को सीबीआई ने चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया था। सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सीबीआई ने पिछले पांच दिनों में चिदंबरम पर उनके खिलाफ लगाए गए आरोप के बारे में कुछ भी नहीं पूछा है, उनसे सिर्फ विदेशी बैंक खाते के बारे में पूछा गया था, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया था। सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल से यह भी पूछा गया था कि क्या उनके पास ट्विटर अकाउंट है जो जांच की गंभीरता दर्शाता है। कपिल सिब्बल ने कहा मीडिया ट्रायल किया जा रहा है। जांच एजेंसी बिना सत्यापित जानकारी मीडिया के जरिये दे रही है। अगर एजेंसी एक बैंक अकॉउंट या संपत्ति विदेश में दिखा दें तो हम याचिका वापस ले लेंगे।

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