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छठ पर भक्तिमय हुयी राजधानी पटना , व्रती अस्ताचल सूर्य को देंगे अर्ध्य

पटना लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर भक्तिमय हुयी राजधानी पटना के लोग अस्ताचल सूर्य को अर्ध्य देंगे जिसके लिये जहां साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा और अन्य तैयारियां पूरी कर ली गयी है वहीं छठ व्रतियों में उत्साह और रौनक देखते ही बन रही है , छठ की छटा आज पूरी राजधानी में छाई हुयी है, घर से लेकर घाट तक, गलियों से लेकर सड़कों तक… हर तरफ आकर्षक सजावट दिख रही है, पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है, घाटों पर व्यवस्था दुरुस्त कर दी गई है, घाटों पर और आने-जाने के रास्ते पर रंग-बिरंगे एलइडी बल्बों से आकर्षक सजावट के साथ-साथ रोशनी की व्यवस्था की गई है, सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। व्रतियों की सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है, प्रशासन की ओर से जहां साफ-सफाई के लिये अभियान चलाया गया है वहीं लोग अपने स्तर से मुहल्लों और गलियों में साफ-सफाई का ध्यान रख रहे हैं जिससे अर्ध्य देने के लिये जा रहे छठ व्रतियों को किसी तरह की कठिनाई न हो , बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गंगा घाटों का निरीक्षण किया है, निरीक्षण के बाद उन्होंने घाटों की स्थिति पर संतोष प्रकट किया। उन्होंने इसके लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी,मुख्यमंत्री ने लोगों से सद्भाव से छठ पर्व मनाने की अपील की तथा उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं,शहर में 100 से अधिक घाटों के अलावा 45 तालाब छठ पूजा के लिए तैयार हैं, घाटों पर रोशनी, शौचालय, चेंजिंग रूम, चापाकल, यात्री शेड, नियंत्रण कक्ष और वाच टावर की तैयारी पूरी कर ली गई है, सुरक्षा के लिहाज से चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं, राजधानी के सुरक्षित गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं को इस बार कई सुविधाएं मिलेंगी, जबकि सभी खतरनाक घाट पर लोगों को नदी में उतरने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है, यहां पूजा करने पर रोक लगा दी गई है। छठ पर्व को लेकर जिला प्रशासन ने पटना सदर के 13 ,पटना सिटी के 14 और दानापुर के 04 घाटों को खतरनाक घोषित किया है,दानापुर से पटना सिटी तक गंगा किनारे घाटों पर 109 विद्युत अभियंता तैनात रहेंगे, घाट पर स्नान के बाद जलधारा के ठीक ऊपर छठव्रतियों के लिए चेजिंग रूम बनाया गया है,महिला और पुरुष के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था की गई है, पीने के पानी के लिए चापाकल भी लगाए गए हैं,घाटों पर जिला प्रशासन, पटना पुलिस समेत डॉक्टर का नंबर लगाया गया है, जरूरत पड़ने पर लोग सीधे संपर्क कर सकते हैं,प्रशासन ने लोगों से घाटों पर पटाखा नहीं फोड़ने की अपील की है ,इससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, वर्ष 2012 में राजधानी पटना में गंगा नदी के अदालत घाट के पास बने अस्थायी पुल के टूट होने के बाद मची भगदड़ में छठ व्रत के दौरान कई लोगों की मौत हो गयी तथा कई अन्य घायल हो गये थे,।इस बार सभी घाटों पर महिला और पुरुष पुलिस की तैनाती की गई है, पूरे शहर में श्रद्धा और सहयोग दिख रहा है। जो छठ नहीं कर रहे हैं, वो व्रतियों को पूजन सामग्री देकर छठी मइया से आशीष मांग रहे हैं, जिनकी मन्नतें पूरी हो गई हैं, वे भी इसमें पीछे नहीं हैं।

पटना नगर निगम की ओर से शहर के पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बने तालाबों में गंगाजल डाला जा रहा है, गंगाजल अस्थायी और स्थायी दोनों प्रकार की तालाबों में नि:शुल्क डाला जा रहा है, छठ घाट पर पुख्ता चिकित्सीय इंतजाम रहेंगे। आपात परिस्थिति में एंबुलेस की मदद ली जा सकती है,लोकरूचि-छठ भक्तिमय तीन अंतिम पटना जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि छठ में अर्ध्य के दौरान चार वाटर एंबुलेस गंगा के घाटों के करीब भ्रमणशील होगी,इसमें चिकिस्क दल जीवन रक्षक दवाओं के साथ रहेंगे। आकस्मिता की स्थिति में पीड़ितों को जल मार्ग से ही पीएमसीएच पहुंचाया जायेगा जिससे कम समय में पीड़ित को अस्पताल की सुविधायें उपलब्ध हो सके, प्रशासन के स्तर से श्रद्धालुओं को सुविधा एवं सुरक्षा के लिये पुख्ता इंतेजाम किये गये हैं, छठ को लेकर राजधानी पटना समेत पूरे बिहार के घर-घर में छठ के गीत गूंजने लगे हैं, “ केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय, आदित लिहो मोर अरगिया., दरस देखाव ए दीनानाथ., उगी है सुरुजदेव., हे छठी मइया तोहर महिमा अपार., कांच ही बास के बहंगिया बहंगी लचकत जाय ….. , गीत सुनने को मिल रहे हैं , गौरतलब है कि छठ महापर्व के चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन कल व्रतियों ने निष्ठा और पवित्रता के साथ भगवान भाष्कर की पूजा-अर्चना करके खरना किया, भगवान भाष्कर को गुड़ मिश्रित खीर और घी की रोटी का भोग लगाकर स्वयं भी ग्रहण किया,साथ ही भाई-बंधु, मित्र और परिचितों में खरना प्रसाद बांटा।आज अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा, कल उदयीमान सूर्य को अर्घ्य के बाद पारण के साथ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान पूरा हो जाएगा।

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