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जगदीश चन्द्र बसु के नाम पर होगा वाईएमसीए विश्वविद्यालय का नाम : खट्टर

मुख्यमंत्री ने किया दो दिवसीय स्वर्ण जयंती विज्ञान सम्मेलन का समापन

मनोज तोमर/विजय न्यूज ब्यूरो

फरीदाबाद। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का नाम प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु के नाम पर रखने की घोषणा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का विस्तार 60 से 65 एकड़ भूमि पर किया जायेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री आज वाईएमसीए विश्वविद्यालय द्वारा हरियाणा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय स्वर्ण जयंती विज्ञान सम्मेलन के समापन समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में 60 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन तथा शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु का विज्ञान के क्षेत्र में अतुल्य योगदान रहा है। उन्हीं के नाम पर वाईएमसीए विश्वविद्यालय को ‘जे0सी0 बसु वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय’ के नाम से जाना जायेगा। विश्वविद्यालय के नाम को लेकर अन्य औचारिकताओं को जल्द पूरा कर लिया जायेगा। विश्वविद्यालय द्वारा नये शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पद सृजित करने तथा नये पाठ्यक्रमों के लिए बजटीय प्रावधान करने के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जायेगा। ‘विज्ञान’ को आविष्कार की जननी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी, प्रौद्योगिकी एवं मेडिकल शिक्षण संस्थान में सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आने वाले दिनों में स्कूलों में विज्ञान की शिक्षा पर जोर दिया जायेगा तथा विज्ञान के शिक्षकों की भर्ती की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत तीन वर्षों में राज्य सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र में कार्य किया है। विशेष रूप से शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षित एवं कुशल युवाओं से ही प्रदेश का विकास सुनिश्चित होगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रदर्शनी अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाये गये प्रोजेक्ट एवं मॉडल्स की जानकारी ली तथा सराहना की। कुलपति ने मुख्यमंत्री को पौधा भेंट कर उनका सम्मान किया तथा स्मृति स्वरूप उनका चित्र भेंट किया। इस अवसर पर वाईएमसीए विश्वविद्यालय पर आधारित एक वृत्तचित्र को भी प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री विज्ञान प्रदर्शनी में पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। दो दिवसीय विज्ञान सम्मेलन के दौरान फरीदाबाद तथा पलवल के लगभग 20 शिक्षण संस्थानों के एक हजार ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 249 विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित अपने लगभग 100 प्रोजेक्ट एवं मॉडल्स प्रदर्शित किये। ये सभी मॉडल्य चयनित विषयों कौशल भारत, हरित भारत, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत, स्वदेशी भारत, स्वस्थ भारत, सुरक्षित भारत, शिक्षित भारत, सामर्थ भारत, विज्ञान गांव तथा मेक इन इंडिया पर आधारित थे।  वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज शहीद ए आजम भगत सिंह के पौत्र एवं शहीद भगत सिंह बिग्रेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष यादुवेन्द्र सिंह सन्धु के एनएच-5 स्थित निवास पर पहुंचे, जहां यादवेन्द्र सिंह सन्धू व उनकी माता जी श्रीमति सुरेन्द्र कौर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खटट्र ने शहीद भगत सिंह द्वारा जेल में लिखी डायरी और हर उस चीज को बड़े ध्यान से देखा जो उनके जीवन से जुड़ी हुई थी। मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह के परिवार से मिलकर आज वो धन्य हो गए है। शहीद भगत सिंह और ना जाने कितने हजारों क्रांतिकारियों की शहादत के कारण ही आज हम खुली हवा में सांस ले रहे है। मुख्यमंत्री ने शहीद भगत सिंह द्वारा जेल में लिखी डायरी को देखने के बाद कहा कि आज प्रत्येक युवा को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए क्योंकि जेल में रहते हुए भी उन्होनें सिर्फ देश और प्रत्येक भारतवासी के बारे में सोचा। इस मौके पर यादवेन्द्र सिंह सन्धू ने मुख्यमंत्री को यादगार स्वरूप शहीद ए आजम भगत सिंह की तस्वीर और कृपाल भेंट की। इस अवसर मौके पर मोहम्मद शरीफ, रंजीत सिंह, चरणजीत सिंह, विपिन झा, परवीन बजाज, देवेन्द्र भारद्वाज, एच.एच बक्शी आदि उपस्थित थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जिला नीमका जेल का निरीक्षण करते हुए कैदियों को मिलने वाली सुविधाओं जायजा लिया।

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