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जितने भी कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष आए, सभी ने क्रिकेट को पहुंचाया धरातल पर : संजय भाटिया

फरीदाबाद। हरियाणा के पूर्व रणजी खिलाड़ी संजय भाटिया ने खेल में राजनीति को लेकर हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन व बीसीसीआई पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई व हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन ने खिलाडिय़ों ने किसी प्रकार का प्लेटफॉर्म तैयार नहीं किया, जिसके कारण क्रिकेट धरातल पर आ गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोढ़ा कमेटी की गाईडलाईन से उम्मीद जगी है कि दिव्यांग व महिला खिलाडिय़ों को भी बीसीसीआई द्वारा सम्मान मिलेगा, जिस प्रकार साधारण खिलाडिय़ों को सम्मान मिलता है। अब तक इन खिलाडिय़ों को बीसीसीआई द्वारा किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई ने दिव्यांग खिलाडिय़ों की किसी प्रकार की पैरवी न करने पर उन्होंने बार-बार बीसीसीआई को लिखा है कि वह जल्द ही दूसरे खिलाडिय़ों की तरह इन खिलाडिय़ों को भी सुविधा प्रदान करें।

पूर्व रणजी खिलाड़ी ने दागे बीसीसीआई के खिलाफ गंभीर सवाल

वे आज भिवानी में एक कार्यक्रम में शामिल होने के उपरांत पत्रकारों से रुबरु हो रहे थे। उन्होंने हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन पर प्रश्र चिह्न उठाते हुए कहा कि इन संस्थाओं में वो लोग शामिल है, जो क्रिकेट की परिभाषा को ही नहीं जानते, लेकिन लोढ़ा कमेटी की गाईड लाईन के अनुसार इन संस्थाओं में खिलाडिय़ों को शामिल करने की बात कही गई है, जो कि खिलाडिय़ों के हित में है। इससे खेल जगत में सुधार आए। उन्होंने कहा कि जितने भी अध्यक्ष आए उन्होंने क्रिकेट को धरातल पर पहुंचाया है और  जिससे क्रिकेट जगत को काफी नुकसान हुआ।  वही उन्होंने पिछले 10 वर्ष तक रही कांग्रेस सरकार व वर्तमान भाजपा सरकार को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि इन्होंने भी एचसीए मामले पर कुछ नहीं किया, जिसके कारण हरियाणा क्रिकेट संघ वही के वही है। लेकिन लोढ़ा कमेटी के आने के बाद अब उम्मीद जगी है कि 40 वर्ष से इन संस्थाओं में चल रही दुकानदारी खत्म हो जाएगी। वही उन्होंने बीसीसीआई की ग्रांट पर बोलते हुए कहा कि बीसीसीआई द्वारा जो ग्रांट आती है, वह एचसीए अपनी जेबों में डाल रहे है, जिनकी विजिलेंस जांच करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में जमीनों व बिलों में चोरी व हेराफेरी हुई है, जिसके बारे में हरियाणा सरकार को जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई और एचसीए ने दिव्यांग व महिला क्रिकेट के लिए अब तक कुछ नहीं किया और न ही एचसीए में कोई क्रिकेट खिलाड़ी शामिल है। जिन खिलाडिय़ों ने क्रिकेट को जीया है व समझा है, वो क्रिकेट को आगे पहुंचा सकते है। लेकिन इन संस्थाओं में केवल वो लोग शामिल है, जिन्होंने क्रिकेट को कभी खेला ही नहीं तो वो खिलाड़ी की पीड़ा को क्या समझेंगे। वही उन्होंने कहा कि अगर उनकी आवाज को नहीं सुना गया तो दोबारा वो क्रिकेट को जिंदा रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे व उनके साथी चेतन शर्मा बीसीसीआई व एचसीए में खिलाडिय़ों के हक के लिए 17 वर्ष से लड़ रहे है।

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