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टूरिज़म के कारण हो रहा पर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान

सिडनी । दुनिया भर में छुट्टियां आते ही लोगों की घूमने की प्लानिंग और पैकिंग शुरू हो जाती है। क्या पहनना है,क्या खाना है से लेकर किन जगहों पर घूमना है तक कि एडवांस प्लानिंग लोग कर लेते हैं,लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी इन छुट्टियों की वजह से पर्यावरण को कितना नुकसान हो रहा है। एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने कहा कि दुनिया भर में होने वाले ग्रीनहाउस गैस इमिशन के लिए सबसे ज्यादा टूरिज़म जिम्मेदार है। ग्रीनहाउस इमिशन में करीब 12 पर्सेंट कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर टूरिज़म की वजह से बढ़ा है। इतना ही नहीं,लोगों के बीच छुट्टियों में घूमने जाने का क्रेज जलवायु परिवर्तन को और स्लो कर रहा है। शोध में 160 देशों के किए गए रिव्यू के अनुसार,ज्यादातर घरेलू यात्रियों द्वारा किए जा रहे टूरिज़म से अमेरिका, चीन, जर्मनी और भारत में कार्बन डाइऑक्साइड का सबसे ज्यादा स्तर पाया गया। वहीं मालदीव, मॉरीशस, साइपरस और सेशेल्स में इंटरनैशनल टूरिज़म की वजह से कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में करीब 30 से 80 पर्सेंट के बीच बढ़त दिखी।
इस रिपोर्ट के अनुसार, 2013 में भी फ्लाइट, होटल, खाने-पीने के सामान और बाकी चीजों के प्रोडक्शन से करीब 4.5 बिलियन के बराबर कार्बन डाइऑक्साइड का इमिशन हुआ। रिव्यू रिपोर्ट के अनुसार, ट्रिलियन डॉलर की टूरिज्म इंडस्ट्री की वजह 2025 कार्बन डाइऑक्साइड का लेवल करीब 6.5 बिलियन टन तक पहुंच जाएगा। ऑस्ट्रेलिया, ताइवान और इंडोनेशिया द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में बताया गया कि कार्बन डाइऑक्साइड के बढ़ते स्तर के लिए फ्लाइट्स जिम्मेदार हैं। इस संकट से निपटने के लिए इस हफ्ते बोन में करीब 200 देशों की मीटिंग होने जा रही है, जहां 2015 के पेरिस अग्रीमेंट के लिए एक रूल बुक बनाई जाएगी, जिसमें ग्रीनहाउस गैसों के इमिशन स्तर को कम करने से लेकर अन्य आपदाओं को कंट्रोल करने पर भी कुछ एक्शन शामिल किए जाएंगे।

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