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ट्रांसपोर्टर बातचीत के लिए आगे आयें, होगा समस्या का समाधान : मंत्री

पटना। बिहार के खान एवं भूतत्व मंत्री विनोद सिंह ने लघु खनिज नियमावली 2017 को वापस लेने की मांग को लेकर हड़ताल पर डटे ट्रांसपोर्टरों से अपील करते हुये आज कहा कि सरकार उनसे बातचीत करने के लिए तैयार हैं और इससे ही समस्या का समाधान ढूंढा जा सकता है।
श्री सिंह ने यहां कहा कि सरकार हड़ताल कर रहे ट्रांसपोर्टरों की शिकायतें सुनने और उनका समाधान ढूंढने के लिए बातचीत करने को तैयार है। उन्होंने दावा करते हुये कहा कि यदि ट्रक मालिक एवं चालकों के प्रतिनिधि वार्ता के दौरान नियमावली में उनके हितों की अनदेखी होने के दावे को साबित कर सकें तो सरकार इसमें वांछित बदलाव पर विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान वार्ता से ही किया जा सकता है।
मंत्री ने कहा कि नई नियमावली में ग्राहकों, ट्रांसपोर्टरों के साथ ही सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखा गया है। इसके लागू होने से जहां खनन के क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी वहीं इस क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस नियमावली के माध्यम से सरकार का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं बल्कि उनकी कठिनाइयों काे दूर करना है।
श्री सिंह ने इस नियमावली के लागू होने से किराये में कमी होने की ट्रक मालिकों की चिंता पर कहा कि उनकी यह चिंता निरर्थक है। उन्होंने कहा कि बालू ढुलाई के लिए प्रति 100 सीएफटी प्रति किलोमीटर 20 रुपये और गिट्टी के लिए प्रति 100 सीएफटी प्रति किलोमीटर 21 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से निर्धारित किये गये किराये से ट्रक मालिकों को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने नई नियमावली से बालू-गिट्टी की कीमतें बढ़ने के सवाल पर कहा कि इनके दाम बढ़ेंगे नहीं बल्कि और सस्ते हो जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बालू खनन के क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बालू माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले किसी भी राजनीतिक दल के लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शी तरीके से बालू का खनन करना उनके विभाग का मुख्य उद्देश्य है ताकि लोगों को उचित मूल्य पर बालू मिल सके।
उल्लेखनीय है कि बिहार पथ परिवहन एवं सुरक्षा विधेयक 2017 को वापस लेने समेत अन्य मांगों को लेकर 15 नवंबर की मध्य रात्रि से प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक ट्रक मालिक एवं चालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव राजकुमार झा ने कहा था कि बिहार सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। लघु खनिज नियमावली 2017 के कठोर प्रावधानों के कारण प्रदेश में ट्रक चलाना कठिन हो गया है।

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