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डेयरी व्यवसाय प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षुओं का चयन 9 जुलाई को

डेयरी फार्मिंग शुरू करने से पहले ध्यान रखने लायक बातों बारे दिया जाएगा प्रशिक्षण
बीजा/ लुधियाना। डेयरी प्रशिक्षण और विस्तार केंद्र, बीजा ( लुधियाना) में डेयरी प्रशिक्षण पाठयक्रम चलाए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण पाठयक्रमों दौरान डेयरी व्यवसाय से सम्बन्धित किसानों को इस पेशे में सफल होने के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है। स. दिलबाग सिंह हांस, डिप्टी डायरेक्टर डेयरी लुधियाना- कम- इंचार्ज डेयरी प्रशिक्षण केंद्र, बीजा ने  बताया कि अगले डेयरी व्यवसायिक प्रशिक्षण पाठयक्रम के लिए उम्मीदवारों का चयन 9 जुलाई, 2018 को प्रात:काल 10.00 बजे डेयरी प्रशिक्षण और विस्तार केंद्र, बीजा में किया जाना है। प्रशिक्षण लेने के इच्छुक नौजवान और ज्यादा जानकारी के लिए अपने जिलों के डिप्टी डायरेक्टर डेयरी या डेयरी विकास विभाग के लुधियाना कार्यालय के हेल्पलाइन नं: 0161- 2400223 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन पाठयक्रमों दौरान डेयरी फार्मिंग शुरू करने से पहले ध्यानयोग बातें, दुधारु पशुओं की नस्लें, नस्ल सुधार के लिए नसलकसी, बनावटी गर्भाधान, सारा साल हरा चारा पैदा करने के तरीके, पशुओं की आम बिमारियाँ बारे, दूध की फैट/ एस. एन. एफ बारे, दूध से दूग्ध पदार्थ तैयार करने, गंढा़ेयों की खाद तैयार करने, संतुलित पशु ख़ुराक तैयार करने और प्रयोग, साफ दूध पैदा करने, डेयरी फार्मिंग की अर्थ व्यवस्था का विस्तार करने बारे पहले जानकारी दी जाती है। डेयरी उद्यम प्रशिक्षण में प्रशिक्षुओं को पशुधन प्रबंधन और दूध से दूध पदार्थ तैयार करने बारे प्रैक्टिकल भी करवाए जाते हैं। विभागीय माहिरों के अलावा श्री गुरू अंगद देव वेटरनरी और एनिमल साईंसज़ यूनिवर्सिटी, लुधियाना के विशेषज्ञों की तरफ से भी जानकारी दी जाती है। इस के अतिरिक्त डेयरी व्यवसाय से सम्बन्धित फिल्में भी दिखाईं जातीं हैं और प्रशिक्षार्थी को प्रगतिशील डेयरी फार्मों के दौरे भी करवाए जाते हैं। सफलतापूर्व प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले को डेयरी धंधा शुरू करने व स्वरोजगार स्थापित करने डेयरी ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। उन्होंने कहा कि नौजवानों को डेयरी प्रशिक्षण प्राप्त कर विभाग की स्कीमों का पूर्ण लाभ ले कर अपने डेयरी के धंधे को व्यापारिक रास्ते पर ले जाना चाहिए। नौजवान अपने डेयरी फार्म की बढ़िया देखभाल और क्रत्रिम गर्भधान से नस्ल सुधार करने और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें। आधुनिक समय में खेती उत्पादन की कीमतों में रुकावट, जमीन का बंटवारा और कृषि लागत के बढ़ जाने कारण किसानों की माली हालत कमजोर हो रही है। इस से बचने के लिए नौजवानों को डेयरी के धंधे सम्बन्धित तकनीकी जानकारी हासिल करके और व्यापारिक रास्ते पर चला कर अधिक से अधिक लाभ कमाना चाहिए और विभाग की स्कीमों का भी लाभ लेना चाहिए।
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