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दंगों पर आधारित है फिल्म ‘मुजफ्फरनगर : दी बर्निंग लव’

17 नवंबर को देशभर में होगी प्रदर्शित, फरीदाबाद प्रोमोशन करनी पहुंची स्टारकास्ट

मनोज तोमर/विजय न्यूज ब्यूरो

फरीदाबाद। वर्ष 2013 में उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगों पर बनी फिल्म ‘मुजफ्फरनगर : दी बर्निंग लव’ आगामी 17 नवंबर को देशभर के सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी। इस फिल्म को बनाने में करीब -8-9 माह लगे है, जबकि इसके निर्माण में करीब 4 करोड़ की लागत जाएगी। फिल्म मोरना इंटरनेटमेंट प्राईवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी है, फिल्म के निर्माता मनोज कुमार मांडी है। इस बारे में जानकारी देते हुए फिल्म के निर्देशक हरीश कुमार ने नीलम-बाटा रोड स्थित होटल डिलाईट ग्रांड में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया यह फिल्म समाज को सद्भावना का संदेश देती है और इस फिल्म के माध्यम से वर्ष 2013 में हुए हिन्दू-मुस्लिम दंगों को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें ऐसे कई मुस्लिम है, जिन्होंने हिन्दू समुदाय के लोगों को दंगे के दौरान मस्जिदों में सुरक्षित रखा वहीं ऐसे कई हिन्दू है, जिन्होंने मुस्लिम परिवारों की भाई बनकर रक्षा की वहीं फिल्म में एक हिन्दू युवक और मुस्लिम युवती की प्रेम कहानी को भी दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म दोनों समुदायों के बीच असामाजिक तत्वों द्वारा भाईचारा बिगाडऩे सहित निर्दाेष लोगों को कानून के प्रति विश्वास बढ़ाने का काम करेगी। उन्होंने बताया कि फिल्म में बतौर हीरो फरीदाबाद के सेक्टर-48 में रहने वाले उभरते अभिनेता देव शर्मा है, जबकि फिल्म में मुख्य अभिनेत्री की भूमिका साऊथ की प्रसिद्ध कलाकार ऐश्वर्या देवान ने निभाई है, जबकि फिल्म में एकांश भारद्वाज देव शर्मा के दोस्त बने है और मुख्य विलेन की भूमिका मुसरलीन कुरैशी ने निभाई है।  हरीश कुमार ने बताया कि फिल्म में चार गाने है, जिन्हें मुजफ्फरनगर के साथ-साथ अमरगांव व मोरना ब्लाक में दर्शाया गया है, जबकि संगीत मनोज नयन, राहुल भट्ट व फराज अहमद का है वहीं मोहित चौहान, रितू पाठक व दीपाली जैसे कलाकारों ने भी गाने गाए है। इस मौके पर फिल्म के मुख्य अभिनेता देव शर्मा ने कहा कि आज उन्हें अपने गृह जिले में आकर बेहद अच्छा महसूस हो रहा है और यह फिल्म समाज में एक भाईचारे का संदेश देगी। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर का नाम पहले मोहब्बत नगर था और यह क्षेत्र हिन्दू-मुस्लिम के आपसी भाईचारे की मिसाल देता था परंतु वर्ष 2013 में यहां साम्प्रदायिक दंगे होने के बाद यहां का भाईचारा खत्म हो गया। फिल्म के डायरेक्टर हरीश कुमार ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर के डीएम इस फिल्म को वहां प्रदर्शित करने से रोक रहे है और उन्होंने फिल्म के बैनर व पोस्टर आज सुबह कई जगहों से उतरवा दिए। जब सेंसर बोर्ड ने फिल्म के चंद दृश्यों और संवादों को काटकर एवं टाइटल बदलकर रिलीज करने की इजाजत दे दी है तो शहर के डीएम फिल्म के रिलीज होने पर कानून व्यवस्था भंग होने की आशंका में इसे रिलीज क्यों नहीं होने दे रहे है।

 

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