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दरेसी में शिक्षा विभाग के नियमों को ताक पर रखकर करवाया जा रहा संतों का चातुर्मास गैर कानूनी

धर्म की आड़ में हजारों स्कूली बच्चों के भविष्य से कर रहा है खिलवाड़

लुधियाना। न्यायपालिका में शुचिता लाने और लोगों को न्याय दिलवाने के लिये समर्पित संस्था ‘जज एडवोकेट पीडि़त ऑर्गनाईज़ेशन’ के प्रधान सुभाष ‘कैटी’ ने एस.ए.एन. जैन सीनियर सैकण्डरी स्कूल, दरेसी, लुधियाना में शिक्षा के नाम पर हो रहे घोटाले का भंडाफोड़ किया। आज यहां स्थानीय एक होटल में पत्रकार समेलन में पत्रकारों को जानकारी देते बताया कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, डायरेक्टर जनरल स्कूल ऐजुकेशन (पंजाब), डिप्टी कमिश्नर लुधियाना, जिला शिक्षा अधिकारी लुधियाना को शिकायत पत्र लिखकर मांग की है कि एस.ए.एन. जैन सीनियर सैकण्डरी स्कूल, दरेसी, लुधियाना द्वारा शिक्षण संस्थान चलाने के लिये सरकार से लीज़ पर ली गई 3.59 एक्ड़ भूमि का शिक्षा के इलावा अन्य कार्यों के लिये किया जा रहा दुरुपयोग बंद किया जाये। गौरतलब है कि इस स्कूल को सरकार से शिक्षा के कार्यों के लिये नियमित ग्रांट भी प्राप्त होती है। ‘कैटी’ ने श्री आत्मानन्द जैन स्कूल कमेटी और एस.ए.एन. जैन सीनियर सैकण्डरी स्कूल को भी पत्र लिखकर अपील की है कि स्कूल की भूमि पर शिक्षा के इलावा होने वाली अन्य सभी गैर कानूनी गतिविधियां बंद की जायें। अपने शिकायत पत्रों में उन्होंने लिखा है कि स्कूल की मैनेजमैंट द्वारा सरकार से स्कूल चलाने के लिये लीज़ पर भूमि ली गई है। स्कूल को सरकार से शिक्षा के कार्यों के लिये नियमित अनुदान भी प्राप्त होता है। लेकिन स्कूल की चारदीवारी के भीतर स्थित ‘धर्म कमल हॉल’ में आचार्य श्रीमद् नित्यानन्द सूरीश्वर जी महाराज एवं कुछ अन्य साधु-संतों का वर्ष 2018 का चातुर्मास करवाया जा रहा है। चातुर्मास हेतु इस प्रवास के दौरान साधु-संत 4 महीने से अधिक समय के लिये स्कूल में विराजमान रहेंगे और वहीं से अपनी सारी धार्मिक गतिविधियां संचालित करेंगे। साधु-संतों के स्कूल के भीतर लाउड स्पीकर पर होने वाले प्रवचनों एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिये स्कूल में बच्चों के खेलकूद, बासकेट बाल, वालीबाल, खो-खो आदि खेलों के लिये बने हुये प्लेग्राऊंड को बंद करके उसमें में एक विशाल पंडाल और प्रवचन स्थल बनाया जा रहा है। यह भी ज्ञात हुआ है कि इस ए.सी. पंडाल का ठेका इन्दौर की एक कम्पनी को 1.50 करोड़ रुपये में दिया गया है। उन्होंने यह भी मांग की कि इस बात की जांच होनी चाहिये कि सरकार से शिक्षा के नाम पर मिलने वाले अनुदान का दुरुपयोग शिक्षा के इलावा अन्य कामों में तो नहीं किया जा रहा। स्कूल की बिल्डिंग के बीचों बीच स्थित प्लेग्राऊंड को बंद करके बनाये गये पंडाल में रोज़ाना लाऊड स्पीकर पर घंटों प्रवचन, गीत-संगीत-भजन आदि धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम होंगे जिससे बच्चों की पढ़ाई में विघ्न पड़ेगा। देश के कोने-कोने से सैंकड़ों भक्तों का प्रतिदिन सुबह से सायं आना जाना लगा रहेगा। भक्तों के लिये खान-पान की व्यवस्था भी इसी स्कूल के प्रांगण में की गई है। इससे स्कूल में पढऩे वाले बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान पड़ेगा। यह सब सरकार के स्कूलों को दिये गये दिशानिर्देशों को ताक पर रखकर सरकार की नाक की नीचे सरेआम किया जा रहा है। प्लेग्राऊंड और स्टेज में प्रवचन आदि के लिये पंडाल बनने से बच्चों के खेल-कूद, सुबह की प्रार्थना सभा, प्रतियोगिताओं, फीजिकल ऐजुकेशन आदि सभी गतिविधियां बंद हो जायेगी। इससे सरकार द्वारा स्कूलों को खेल-कूद और अन्य प्रतियोगिताओं के लिये दिये गये दिशानिर्देशों का पालन नहीं हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि ‘जज एडवोकेट पीडि़त ऑर्गनाईज़ेशन’ द्वारा पहले भी कई संस्थाओं द्वारा धर्म की आड़ में किये जा रहे अनैतिक कार्यों का पर्दाफाश किया जा चुका है। अपने पत्र में उन्होंने यह भी लिखा है कि स्कूल की मैनेजिंग कमेटी भलीभांति जानती है कि यह स्कूल सरकार से ऐडिड स्कूल है और यहां शिक्षा के इलावा कोई अन्य गतिविधि नहीं चलाई जा सकती। इसलिये उन्होंने जानबूझ कर साधु-संतों के चातुर्मास के विज्ञापनों में ‘धर्म कमल हॉल’ का पता गुमराह करने वाला लिखाया है। चातुर्मास के आयोजकों ने चातुर्मास स्थल का पता ‘धर्म कमल हॉल’, एम.जे.एस. हॉस्पिटल के साथ, दरेसी रोड़, लुधियाना लिखाया है। जबकि ‘धर्म कमल हॉल’ एस.ए.एन. जैन स्कूल की चारदिवारी के भीतर स्थित है और यह भूमि सरकार से शिक्षण संस्थान चलाने के लिये लीज़ पर ली गई है।
उन्होंने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि श्री आत्मानन्द जैन स्कूल की वर्तमान कमेटी स्कूल के संविधान के खिलाफ अवैध रूप से कब्जा करके बैठी है। स्कूल के संविधान के अनुसार स्कूल की कमेटी में 15 सदस्यों का होना अनिवार्य है। इन 15 प्रतिनिधियों का चुनाव स्कूल के वोटर मैम्बरों द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से मतदान द्वारा किया जाता है। पिछले चुने गये 15 प्रतिनिधियों में से 11 प्रतिनिधी वर्ष 2009 में त्याग-पत्र दे चुके हैं। बाकी के बचे 4 मैम्बर स्कूल की कमेटी पर जबरदस्ती अवैध कब्जा करके बैठे हुये हैं और अल्पसंख्या में होते हुये अवैध रूप से सभी कार्य कर रहे हैं। स्कूल के संविधान के अनुसार मैनेजिंग कमेटी के चुनाव हर पांच वर्ष बाद होने होते हैं। पिछले चुनाव 02 जुलाई 2006 को हुये थे। इसके बाद आज तक कोई चुनाव नहीं करवाया गया। इसलिये स्कूल की वर्तमान कमेटी अपने आप में अवैध है। यह चारों मैम्बर अपने अवैध कार्यों पर पर्दा डालने के लिये हरदम राजनीतिक संरक्षण की ताक में रहते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि स्कूल में शिक्षा के इलावा होने वाली अन्य सभी गतिविधियों जिनका शिक्षा से कोई लेना देना नहीं है, वह बंद होनी चाहिये। आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानन्द सूरि जी एवं कुछ अन्य साधु-संतों का स्कूल के प्रांगण में होने वाले चातुर्मास का भी शिक्षा से कोई लेना देना नहीं है। उल्टा उनका चातुर्मास स्कूल के शिक्षा कार्यों में विघ्न डालेगा। अत: इस पर अति शीघ्र रोक लगाई जाये।

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