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दीवाली के चार दिन गुजरने के बाद भी शहर में नहीं हुआ कूड़े का उठान

जगह-जगह लगे गंदगी के ढेरों ने खोली निगम कर्मचारियों की कार्यशैली की पोल

फरीदाबाद। दीपावली गुजरने के चार दिन बाद भी फरीदाबाद शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर जहां नगर निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहे है वहीं स्वच्छता अभियान को भी पलीता लगा रहे है। राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर बाजारों और बाजारों से लेकर मार्गाे तथा गली-मोहल्लों में हर तरफ गंदगी का साम्राज्य कायम है और शहर पूरी तरह से नरक में तब्दील हो गया है। शहर में ऐसी-ऐसी जगहें है, जहां पिछले दस दिनों से झाडू तक नहीं लगी है, जबकि नाले- नालियों की बात करें तो वह भी गंदगी से अटे पड़े हुए है। एनआईटी, सराय ख्वाजा, बल्लभगढ़ में अग्रवाल स्कूल के पास, सिही गेट रोड पर, मोहना रोड, कल्पना चावला पार्क के पास, सेक्टर-3 पेट्रोल पंप के पास, तिगांव रोड व चावला कॉलोनी के पास गंदगी देखी जा सकती है। इस गंदगी के चलते जहां लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है वहीं इस गदंगी के चलते मच्छर आदि का भी प्रकोप बढऩा शुरु हो गया है। जिसके चलते यहां डेंगू व मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियां भी पनपने लगी है। गौरतलब है कि दिवाली पर्व के बाद अक्सर शहर में गंदगी के ढेर लग ही जाते हैं, पर बीच में कार्य दिवस होने पर सफाई भी शुरू हो जाती है। इस बार कुछ ऐसा संयोग बना कि दिवाली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज पर्व के बाद रविवार की छुट्टी भी आ गई। इस कारण से शहर में गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं। सोमवार को भी गंदगी का यह साम्राज्य ऐसा ही रहा, नगर निगम कर्मचारियों ने इसे उठाने में कोई खास दिलचस्पी नहीं ली। निगम प्रशासन से शहर में साफ-सफाई के लिए लम्बी-चौड़ी कर्मचारियों की फौज लगा रखी है परंतु वह सफाई कम गप्पे हांकने में ज्यादा व्यस्त रहते है। शहर की सुभाष कालोनी व बनियावाड़ा में भी गंदगी के कारण लोगोंं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं बल्कि ये कर्मचारी काम पर आते नहीं है, जबकि इनकी हाजरी रजिस्टर में चढ़ जाती है और फिर से यूनियनबाजी में ज्यादा मशगूल रहते है, जब इनसे साफ-सफाई के लिए कहा जाए तो यह झगड़ा करने पर उतारु हो जाते है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजकुमार तेवतिया का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी/मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर स्वच्छता को सार्थक बनाने के लिए लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर रहे है, जबकि दूसरी तरफ नगर निगम के कर्मचारी उनके इस अभियान को पलीता लगाने में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का यह शहर पूरी तरह से नरक निगम बनकर रह गया है। यहां न तो नियमित साफ सफाई होती है और न ही कूडे का उठान किया जाता है, जिसके चलते यहां मक्खी मच्छरों की फौज पनपने लगी है और यहां जानलेवा बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है। श्री तेवतिया ने कहा कि कई बार वह भी शहर की समुचित साफ सफाई व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को लिखित में अवगत करवा चुके है परंतु स्थिति वही ढाक के तीन पात वाली रहती है। उन्होंने कहा कि सच्चाई तो यह है कि भाजपा सरकार में अधिकारी व कर्मचारी निरकुंश हो चुके है और वह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में लगे है, उन्हें आमजन की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं बल्कि वह तो निज हितों को तवज्जो देते है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगर शहर की सफाई व्यवस्था का यही हाल रहा तो कांग्रेसी कार्यकर्ता सडक़ों पर उतरकर निगम प्रशासन व सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेडऩे से गुरेज नहीं करेंगे।

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