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नवंबर में वाहन उद्योग ने भरी उड़ान, बिक्री 24 फीसदी बढ़ी

नयी दिल्ली। देश में वाहनों की बिक्री नवंबर महीने में 24 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 19,39,671 इकाई पर पहुँच गयी और उद्योग का मानना है कि चालू वित्त वर्ष उसके लिए छह साल में सबसे अच्छा रह सकता है।
वाहन निर्माता कंपनियों के संगठन सियाम द्वारा आज यहाँ जारी आँकड़ों के अनुसार, नवंबर में यात्री वाहनों की बिक्री 14.29 प्रतिशत, वाणिज्यिक वाहनों की 50.43 प्रतिशत, तिपहिया वाहनों की 78.63 प्रतिशत और दुपहिया वाहनों की 23.49 प्रतिशत बढ़ी है।
सियाम के महानिदेशक विष्णु माथुर ने आँकड़े जारी करते हुये बताया कि पिछले साल नोटबंदी के कारण नवंबर में वाहनों की बिक्री 5.48 प्रतिशत गिर गयी थी। पिछले साल के कमजोर प्रदर्शन के कारण इस नवंबर में वृद्धि की दर ज्यादा रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस साल अब तक ग्राहक धारणा काफी अच्छी रही है। इसमें अच्छे मानसून, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने और नये आकर्षक मॉडलों का भी योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से नवंबर के बीच वाहनों की बिक्री 9.29 प्रतिशत की दर से बढ़ी है और उम्मीद है कि इस साल यह आठ से 10 प्रतिशत के बीच रहेगी जो छह साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन होगा। इससे पहले वित्त वर्ष 2012-13 में इसमें 2.49 प्रतिशत, 13-14 में 3.54 प्रतिशत, 14-15 में 7.06 प्रतिशत, 15-16 में 3.78 प्रतिशत और 16-17 में 6.81 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
आंकड़ों के अनुसार, गत नवंबर में यात्री वाहनों की श्रेणी में कारों की बिक्री 4.49 प्रतिशत बढ़कर 1,81,395 इकाई पर पहुंच गयी। उपयोगी वाहनों की बिक्री 44.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 77,824 इकाई और वैनों की 19.34 फीसदी बढ़कर 16,198 इकाई पर रही। इस प्रकार यात्री वाहनों की कुल बिक्री 14.29 प्रतिशत बढ़कर 2,75,417 इकाई हो गयी। पिछले साल नवंबर में यह संख्या 2,40,983 रही थी।
मोटरसाइकिलों की बिक्री में तकरीबन साढ़े छह साल की सबसे तेज बढ़ोतरी देखी गयी। नोटबंदी के बाद पिछले साल नवंबर में इनमें 10.21 प्रतिशत की गिरावट देखी गयी थी। इस साल नवंबर में यह 23.25 प्रतिशत बढ़कर 9,59,122 इकाई पर रही। मोटरसाइकिलों में इससे बड़ी तेजी अप्रैल 2011 में देखी गयी थी जब बिक्री 23.26 फीसदी बढ़ी थी।
स्कूटरों में पिछले साल सितंबर (30.60 प्रतिशत) के बाद की सबसे तेज बढ़ोतरी रही। यह 30.25 फीसदी बढ़कर 5,06,267 पर पहुँच गयी। दुपहिया वाहनों की कुल बिक्री 23.49 फीसदी बढ़कर 15,35,277 इकाई रही।
श्री माथुर ने कहा कि अर्थव्यवस्था के गति पकड़ने और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी परियोजनाओं पर सरकार के फोकस के कारण वाणिज्यिक वाहनों में माल ढुलाई वाले वाहनों की बिक्री पटरी पर आ रही है। हालाँकि, राज्य सरकारों द्वारा सार्वजनिक परिवहन के लिए बसों की खरीद नहीं किये जाने से वाणिज्यिक यात्री वाहनों की बिक्री घटी है।
नवंबर में मध्यम तथा भारी वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 62.63 प्रतिशत बढ़कर 28,459 इकाई पर और हल्के वाणिज्यिक वाहनों की 42.87 प्रतिशत बढ़कर 40,387 इकाई पर पहुँच गयी। वाणिज्यिक वाहनों की कुल बिक्री 50.43 फीसदी बढ़कर 68,846 इकाई रही। तिपहिया वाहनों की बिक्री 78.63 फीसदी बढ़कर 60,131 इकाई हो गयी।
सियाम के उप महानिदेशक विष्णु माथुर ने कहा कि नोटबंदी के बाद की कमजोर बिक्री के कारण ओवरऑल ऊँची वृद्धि दर अगले साल जनवरी तक देखी जा सकती है।
नवंबर में यात्री वाहनों को छोड़कर अन्य श्रेणियों में निर्यात बढ़ा है। दुपहिया वाहनों का निर्यात 29.10 प्रतिशत, वाणिज्यिक वाहनों का 10.36 प्रतिशत और तिपहिया वाहनों का 46.93 प्रतिशत बढ़ा है। कारों का निर्यात 9.32 फीसदी घटने से यात्री वाहनों के निर्यात में 0.66 प्रतिशत कम हो गया, हालांकि उपयोगी वाहनों का निर्यात 26.78 फीसदी बढ़ा है।

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