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नागपुर टेस्ट आज से

नागपुर । नागपुर के जामथा में स्थित विदर्भ क्रिकेट संघ (वीसीए) का मैदान आठ साल में छठा ‘टेस्ट’ देने जा रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि यह मैदान परिणाम के लिहाज से कई बार विवादों में रहा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले साल यहां खेला गया पिछला टेस्ट सिर्फ तीन दिन में समाप्त हो गया था। 2010 में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट चार दिनों में पूरे हुए थे। अब यहां 24 नवंबर से भारत और श्रीलंका की टीमों की भिड़ंत होगी। दोनों टीमें पहली बार इस मैदान में एक-दूसरे के सामने होंगी। अब तक यहां खेले गए पांच टेस्ट मैचों में से भारत ने तीन जीते हैं, एक हारा है, जबकि एक ड्रॉ रहा है। भारतीय टीम को श्रीलंका से सीरीज के बाद दक्षिण अफ्रीका के मुश्किल दौरे पर जाना हैं, जहां पिचों की तेजी और उछाल का सामना करने की श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से की जा रही है। कोलकाता टेस्ट में भी तेज गेंदबाजों का मददगार विकेट था, जिस पर श्रीलंका की पहली पारी में सभी 10 विकेट तेज गेंदबाजों ने चटकाए थे। भारत में 34 साल में ऐसा पहली बार हुआ था। अब नागपुर में भी जिस अंदाज में विकेट तैयार किया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि यहां भी तेज गेंदबाज ही विकेटों की फसल काट सकते हैं।

कहीं अपने ही जाल में ना फंस जाए भारत
द. अफ्रीका दौरे को देखते हुए भारत ने घास वाली पिच तो तैयार कर ली है, लेकिन कहीं अगली सीरीज़ की ये तैयारी टीम इंडिया पर भारत में भारी न पड़ जाए। कोलकाता टेस्ट के पहले दिन हरी घास वाली पिच पर लकमल ने अपनी गेंदों से भारत के टॉप आर्डर को धराशाई कर दिया था।
लकमल ने मैच की पहली ही गेंद पर लोकेश राहुल को पवेलियन की रहा तो दिखाई ही थी साथ ही साथ दूसरे भारतीय बल्लेबाज़ों को उनकी गेंदों को समझने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। भारतीय टीम कोलकाता से जो आत्मविश्वास लेकर आई है वो नागपुर में विराट सेना पर ही कहीं भारी न पड़ जाए।

पिच क्यूरेटर ने जोड़े हाथ
वीसीए के मुख्य क्यूरेटर प्रवीण ¨हगणीकर विकेट के बारे में कुछ बताने को राजी नहीं हुए। भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरे वनडे से पहले पुणे के क्यूरेटर पांडुरंग सालगांवकर के ¨स्टिंग ऑपरेशन के बाद देश के क्यूरेटरों में डर बैठा हुआ है।
मानो दूध का जला छाछ भी फूंककर पीता है, वैसे ही पिच का मिजाज कैसा होगा यह सवाल सुनते ही ¨हगणीकर सीधे हाथ जोड़ते हैं, फिर मुस्कुराते हुए रटा रटाया जवाब सुनने को मिलता है, ‘नो कमेंट’ यानि मैं कुछ नहीं कहूंगा। प्रवीण विदर्भ के पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रह चुके हैं।
उन्होंने 52 मैचों में तीन शतकों और 16 अर्धशतकों की मदद से 2805 रन बनाए हैं। वह 71 कैच और 16 स्टंपिंग भी कर चुके हैं, लेकिन अब उन्हें खुद स्टंंप होने का डर है, इसलिए मुंह बंद रखना ही बेहतर मानते हैं। हालांकि, मैच शुक्रवार से शुरू होगा, लेकिन विकेट पर घास दूर से नजर आ रही है।
बुधवार को क्यूरेटर ¨हगणीकर और बीसीसीआइ पिच समिति के मध्य क्षेत्र के प्रभारी तापोश चटर्जी के मार्गदर्शन में पिच पर पानी की फुहार डालकर काफी देर तक रोलिंग की गई। इससे विकेट और सख्त होगा, जिससे गेंदबाजों को अच्छा उछाल मिलेगा।
अभ्यास सत्र के दौरान भी गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने नेट अभ्यास के लिए आए स्थानीय तेज गेंदबाजों को बुलाया। इसके बाद मुरली विजय, लोकेश राहुल, चेतेश्वर पुजारा, ऋद्धिमान साहा आदि को लंबे समय तक तेज गेंदबाजों का सामना करते देखा गया। टीम में शामिल नए तेज गेंदबाज विजय शंकर ने भी दो घंटे से ज्यादा देर तक अभ्यास सत्र में गेंदबाजी की।

दक्षिण अफ्रीका दौरा टीम के दिमाग में :
बुधवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा ने भी स्वीकार किया कि टीम के दिमाग में दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा मैच दर मैच तैयारियों के बारे में विश्वास करता हूं। यह सही है कि दक्षिण अफ्रीका दौरा हमारे दिमाग में है, लेकिन जब आप टेस्ट मैच जीतते हैं तो आपको अगले मैच के लिए आत्मविश्वास मिलता है।

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