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निर्भया गैंगरेप : पुनर्विचार याचिका पर अगली सुनवाई 22 जनवरी को

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने निर्भया सामूहिक बलात्कार मामले के दोषी मुकेश की पुनर्विचार याचिका पर आज सुनवाई पूरी कर ली। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने मामले के अन्य दोषियों विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय को 10 दिनों के भीतर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी।

मुकेश की ओर से पेश वकील मनोहर लाल शर्मा ने कहा कि उनके मुवक्किल को उत्पीड़ित किया गया और फिर उसका बयान लिया गया। जांच सही ढंग से नहीं की गई, मुकेश घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। तमाम दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा कि मुकेश के डीएनए की जांच, पीड़िता के आखिरी समय पर दिए गए बयान और जो बरामदगी हुई उसी के आधार पर उसे दोषी करार दिया गया है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पीड़िता के शरीर पर मुकेश के दांतों के निशानों को अनदेखा कैसे कर सकते है? सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मिश्रा कहा कि न्यायालय इस मामले की सुनवाई हिमालय की तरह धैर्यता से करता आया है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने मामले में दोषी मुकेश की पुनर्विचार याचिका का विरोध किया।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार मामले में दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय को साकेत की त्वरित अदालत ने सितंबर 2013 में फांसी की सजा सुनाई थी, इस पर 14 मार्च 2014 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी मुहर लगा दी थी।

दोषियों ने शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी और गत पांच मई 2017 को उच्चतम न्यायालय ने भी चारों दोषियों को निचली अदालत से मिली फांसी की सज़ा को बरकरार रखने का फैसला सुनाया। इस फैसले के खिलाफ 13 नवबंर को पुनर्विचार याचिका दायर की गई थी।

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