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नोखील तालाब पर्यटन का केंद्र बनेगा,साइबेरियन पक्षियों को संरक्षण-मंत्री

रांची। पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि देवघर के डिग्रियां पहाड़ के समीप बड़ा नोखील तालाब पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगा और इस तालाब में आनेवाले साइबेरियन पक्षियो को संरक्षण दिया जाएगा।
पर्यटन मंत्री अमर बाउरी ने नोखील तालाब के निरीक्षण के बाद कहा कि झारखंड में अनेक जलाशय हैं,जहां हर वर्ष प्रवासी पक्षियों का आना होता है। उन्होंने कहा कि बाबा नगरी में पर्यटन के अनेक आकर्षक स्थल हैं,अब साईबेड़ियाँ पक्षी भी इस पर्यटन की कड़ी में जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि नोखील तालाब को विकसित करने केलिए विभाग को डीपीआर प्राप्त हुआ है,यहां बहुत ही काम खर्च में सुंदर और आकर्षक पर्यटन स्थलनबनाय जाएगा। जल्द ही रांची से यहां एक टीम आएगी। इस तालाब में प्रवासी पक्षी 6 माह रुकती है, इसके संरक्षण पर भी काम होगा।
ग्रामीण और स्थानीय लोग भी साइबेरियन पक्षियों के आने से खुश है। लोगों का कहना है कि ’पंछी नदिया पवन के झोंके कोई सरहद ना इन्हें रोके…’, ना कोई सरहद ना कोई जात-पात और ना कोई बंधन, साइबेरियन पक्षी साइबेरिया से उड़ते- उड़ते जसीडीह प्रखंड के नौखिल गांव पहुंचे है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां ये 5 महीने बड़े तालाब में प्रवास करते हैं। गांव वालों काफी अरसे से राज्य सरकार से इस जगह को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का आग्रह कर रहे थे।
साइबेरिया से देवघर पहुंचे इन पक्षियों को अतिथि देवो भव के तर्ज पर नौखिल गांव के लोगों ने खुले दिल से अपना लिया है। इन्हें देखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं। आम तौर पर धान की बालियों को ये पक्षी अपना आहार समझते हैं। गांव वाले खुद भी इन्हें चारा देते हैं ताकि ये यहां सुकून से रह सकें। ग्रामीणों ने पक्षियों को छेड़ने और मारने पर भी प्रतिबंध लगा रखा है। बताया गया है कि इस गांव में साइबेरियन पक्षी हर साल हजारों की संख्या में आते है। अब राज्य सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बाद साइबेरियन पक्षियों को देखने आने वालों को तमाम सुविधाएं मिलेंगी और नौखिल गांव की तस्वीर बदल जाएगी।

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