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परमात्मा की राह मिलने का नाम है दीक्षा : स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य

श्री सिद्धदाता आश्रम में सैकड़ों भक्तों ने ली दीक्षा

फरीदाबाद।  सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम एवं श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में आज दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया जिसमें करीब 130 लोगों ने दीक्षा प्राप्त की। इस अवसर पर आश्रम के अधिष्ठाता अनंतश्री विभूषित इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा पीठाधीश्वर श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने पंचविधियों से दीक्षा प्रदान कर प्रवचन प्रदान किया। नवदीक्षार्थियों ने परमात्मा की शरणागति स्वीकार कर अपने जीवन को मानवीय गुणों से युक्त बिताने का संकल्प लिया।  इस अवसर पर महाराजश्री ने कहा कि दीक्षा का वास्तविक अर्थ परमात्मा की राह का प्राप्त हो जाना है। उन्होंने कहा कि जीव अनेकानेक जन्मों में भटकता है तब परमात्मा करुणा कर उसे मानव जीवन देते हैं। जिसका सदुपयोग मुक्ति यानि मोक्ष के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का अर्थ ही लोकहित करते हए मुक्ति प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि जन्म से पहले मानव परमात्मा से करबद्ध प्रार्थना करता है लेकिन लौकिक जीवन में आने के बाद वह सब भूल जाता है। ऐसे में गुरुजन कृपा कर मानव को दीक्षा देकर नया नाम देते हैं और परमात्मा की भक्ति बताते हैं। वह अपने शिष्य को अपनी ओट में लेकर उसका कल्याण का मार्ग सुगम करते हैं।  इससे पहले सुबह सभी नवदीक्षार्थियों ने हवन किया। श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने सभी को यज्ञोपवीत, नाम, शंख चक्रांकन प्रदान किया और सभी को परमात्मा की शरणागति करवाई। आज आश्रम परिसर में विशाल मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों लोगों ने एलोपैथी, आयुर्वेदिक, नैचुरोपैथी व नवपैथियों से वरिष्ठ चिकित्सकों से अपनी जांच का लाभ उठाया एवं निशुल्क दवाइयां प्राप्त कीं।  इससे पूर्व आश्रम में नारायणी सेवा मंडल के स्वयंसेवकों ने अपने संगठन के 16 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक दिन पहले से चल रहे अखंड पाठ का पारायण किया। उन्होंने ढोल नगाड़ों की आवाज पर खूब खुशी का प्रस्तुतिकरण किया गया।

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