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‘पिच फिक्सिंग’ में फंसे क्यूरेटर बर्खास्त

नयी दिल्ली, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) ने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ(एमसीए) के क्यूरेटर पांडूरांग सलगांवकर को कथित भ्रष्टाचार के मामले में संलिप्त पाये जाने के बाद बुधवार को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया।
एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में सलगांवकर को तेज़ गेंदबाज़ों के हिसाब से पिच तैयार करने के लिये कथित रूप से सहमति जताते हुये दिखाया गया है। इस स्टिंग में उन्होंने सट्टेबाज़ बनकर गये पत्रकार को पिच भी दिखाई जो बीसीसीआई और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(आईसीसी) के नियमों का उल्लंघन है।
यह पूरा मामला भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज़ के दूसरे वनडे मैच से कुछ घंटे पहले बुधवार को सामने आया है। इस मामले में क्यूरेटर के खिलाफ फिलहाल कोई आधिकारिक जांच करने से पूर्व ही बीसीसीआई ने उन्हें तुरंत प्रभाव से पुणे पिच तथा पिच समिति के सदस्य के पद से बर्खास्त कर दिया है।
बीसीसीआई की ओर से बुधवार को जारी बयान के अनुसार कहा गया है कि मीडिया में एमसीए पिच क्यूरेटर सलगांवकर के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद एमसीए ने क्यूरेटर पांडूरांग सलगांवकर को तुरंत प्रभाव से उनके पद से बर्खास्त करने का फैसला लिया है।
भारतीय बोर्ड ने साथ ही तुरंत प्रभाव से रमेश महामुनकर को क्यूरेटर नियुक्त कर दिया जिन्होंने यहां बुधवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरे वनडे में मध्य पिच को खेलने के लिये सुनिश्चित किया। मैच से पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने भी पिच की समीक्षा की और इसी पिच को खेलने के लिये उपयुक्त करार दिया।
इससे पहले सुबह ही भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी ने यह संकेत दिये थे कि यदि पिच को लेकर किसी तरह का भी संदेह पैदा होता है तो साथ की दूसरी पिच पर मैच कराया जा सकता है।
बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने इस मामले पर कहा“ सलगांवकर को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है और जब तक मामले की जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती है उन्हें स्टेडियम में घुसने की इजाजत नहीं होगी।”
खन्ना ने कहा“ मैंने इस मामले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अभय आप्टे से बात कर ली है और उन्होंने क्यूरेटर पर लगे आरोपों की जांच भी शुरू कर दी है। बीसीसीआई के मुंबई से तटस्थ क्यूरेटर ने सलगांवकर की जगह पदभार संभाल लिया है।”
बीसीसीआई अध्यक्ष ने बताया कि बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधक ईकाइ के अध्यक्ष नीरज कुमार से भी इस मामले में रिपोर्ट दायर करने के लिये कहा गया है। इसके अलावा महाराष्ट्र क्रिकेट संघ से भी बीसीसीआई को इस मामले में रिपोर्ट देने के लिये कहा गया है। वहीं बीसीसीआई का संचालन देख रही सर्वाेच्च अदालत द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति(सीओए) ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। सीओए प्रमुख विनोद राय ने कहा“ सीओए इस तरह की घटनाओं के सख्त खिलाफ है और इस मामले में विस्तृत जांच की जाएगी।”
राय ने कहा“ इस मामले को हमने पूरी गंभीरता के साथ लिया है। हम इस मामले को देख रहे हैं और संबंधित अधिकारियों से भी हमने इस बारे में बात की है। हमने अधिकारियों से इस मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट देने के लिये भी कहा है। हम बीसीसीआई में इस तरह की घटनाओं के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति अपनाती है।”
बोर्ड के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा“ हम इस मुद्दे पर सख्त कदम उठायेंगे। यह बहुत गंभीर मसला है। जो भी इसके लिये जिम्मेवार है उसे सजा मिलेगा। इसमें कोई संदेह ही नहीं। हमने इस मामले में महाराष्ट्र क्रिकेट संघ के प्रमुख से भी बात कर ली है। हमारे लिये यह चौंकाने वाली बात है कि सलगांवकर जो खुद प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रह चुके हैं वह ऐसी हरकत कर सकते हैं।” हालांकि चौधरी ने दूसरे वनडे में किसी तरह की गड़बड़ी से साफ इंकार किया है।
बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी राहुल जौहरी ने भी सख्त कार्रवाई का भरोसा जताया। उन्होंने कहा“ हमने पिच क्यूरेटर के खिलाफ सख्त कदम उठाया है और अब पांडूरांग सलगांवकर तथा एमसीए के बीच का संबंध पूरी तरह समाप्त हो गया है। बीसीसीआई इस मामले को लेकर एमसीए के संपर्क में है और उचित कदम उठाये जाएगें ताकि भविष्य में ऐसा न हो।”
इससे पहले मौजूदा वर्ष में ही मार्च में भारत और आस्ट्रेलिया के बीच खेले गये पहले टेस्ट में आईसीसी मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने सलगांवकर द्वारा तैयार की गयी पिच को ‘बेहद खराब’ करार दिया था।

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