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पेराडाइज पेपर्स लीक : Tax हैवन देशों में 714 भारतीयों का धन

नई दिल्ली। पनामा पेपर्स की तरह अब ‘पैराडाइज पेपर्स’ का बम फटा है। इसमें विश्व के 180 देशों के नागरिकों द्वारा अपना काला धन टैक्स हैवन देशों में जमा रखने को लेकर रैंकिंग दी गई है। भारत की रैंक 19वीं है। देश के 714 लोगों के नाम पैराडाइज पेपर्स में हैं। इनमें कांग्रेस-भाजपा के दिग्गज नेताओं से लेकर बॉलीवुड हस्तियों, कंपनी समूहों और कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया आदि के नाम हैं।
पनामा पेपर्स मामला सामने आने के 18 महीने बाद एक बार फिर जर्मनी के ही ‘जीटॉयचे साइटुंग’ नामक अखबार ने इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट (आइसीआइजे) की खोजी रिपोर्ट छापी है।
आइसीआइजे ने विश्व की 96 समाचार संस्थाओं के साथ मिलकर यह भंडाफोड़ किया है। इसके जरिये कुल 1.34 करोड़ दस्तावेज लीक हुए हैं। आइसीआइजे ने अंदेशा जताया है कि दुनियाभर के लोग अब भी कर छिपाने वाले देशों में अपनी काली कमाई जमा करा रहे हैं। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसमें नाम आने का मतलब यह नहीं है इन लोगों ने काला धन ही छिपाया है।
एप्पलबे व एशियासिटी फर्मों से जुड़े हैं भारतीय रिपोर्ट के मुताबिक बरमूडा की लॉ फर्म ‘एप्पलबे’ और सिंगापुर की ‘एशियासिटी’ से भारत के 714 नेताओं, उद्योगपतियों, अभिनेताओं और अन्य कारोबारियों के नाम जुड़े हैं।
इन लोगों पर इन फर्मों के जरिये अपना पैसा निवेश करने का आरोप है। ये फर्में अन्य देशों में कंपनियां बनवाकर दुनियाभर के कई कारोबारियों और नेताओं को टैक्स चोरी में मदद करती हैं।

ये हैं भारत के बड़े नाम

  • भाजपा नेता : केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा और सांसद आरके सिन्हा
  • कांग्रेस नेता : अशोक गहलोत, सचिन पायलट, पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम, वीरप्पा मोइली के बेटे हर्ष मोइली
  • कारोबार : विजय माल्या और नीरा राडिया
  • बॉलीवुड : अमिताभ बच्चन, संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त
  • स्वास्थ्य : फोर्टिस-एस्कॉर्ट्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अशोक सेठ

इन कार्पोरेट समूहों के भी नाम

  • जीएमआर समूह 
  • अपोलो टायर्स 
  • हैवेल्ज 
  • हिंदूजा समूह 
  • एम्मार एमजीएफ 
  • वीडियोकॉन 
  • हीरानंदानी समूह 
  • डीएस कंस्ट्रक्शन 
  • यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड इंडिया

कई एजेंसियों को जांच का जिम्मा
ताजा जानकारी पर केंद्र सरकार भी हरकत में आ गई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि सरकार ने जांच की जिम्मेदारी कई एजेंसियों के समूह को सौंप दी है। इसकी अध्यक्षता सीबीडीटी के चेयरमैन करेंगे। समूह में सीबीडीटी, ईडी, आरबीआइ और एफआइयू के प्रतिनिधि होंगे

सफाई में यह कहा मंत्री बनने से पहले छोड़ दी थी कंपनी
जयंत मंत्री जयंत सिन्हा ने दावा किया है कि सितंबर 2009 में वह ओमिदयार नेटवर्क से बतौर मैनेजिंग डायरेक्टर जुड़े थे। दिसंबर 2013 तक इसमें रहे। जनवरी 2014 से नवंबर 2014 तक वह डिलाइट के स्वतंत्र निदेशक रहे। केंद्रीय मंत्री बनने से पहले उन्होंने यह कंपनी छोड़ दी थी और इससे मिली फीस व डिलाइट के शेयर पहले ही सार्वजनिक कर रखे हैं।

मौन व्रत पर हूं : सिन्हा
पैराडाइज पेपर्स में नाम आने पर भाजपा के राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा से पत्रकारों ने प्रतिक्रिया जानी। उन्होंने कोई जवाब देने के बदले एक पर्ची दिखाई। इस पर लिखा था, ‘सात दिन के भागवत यज्ञ में मौनव्रत है।’

पहले के ये मामले बेअसर

  • अप्रैल 2013 में ऑफशोर लीक्स के नाम से पहली बार जानकारी सामने आई थी।
  • इसमें 612 भारतीयों के नाम सामने आए थे।
  • फिर स्विस लीक्स के नाम से एक भंडाफोड़ हुआ। इसमें 1195 भारतीय के खाते एचएसबीसी बैंक की जिनेवा शाखा में होने की बात पता चली। इन सभी मामलों के सामने आने के बावजूद कर चोरी करने वालों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

ब्रिटेन की महारानी, पाक के पूर्व पीएम अजीज के भी नाम पैराडाइज पेपर्स लीक्स में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंत्री, पाक के पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अजीज, कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूड्यू के सहयोगी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दामाद का भी नाम है।

कांग्रेस ने सिन्हा से इस्तीफा मांगा
कांग्रेस ने पैराडाइज पेपर्स में नाम आने के बाद केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने मोदी सरकार को चुनौती दी कि उसमें साहस हो तो वह पैराडाइज पेपर्स के सारे तथ्य काले धन की जांच कर रही सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष रखे।

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