न्यूज के लिए सबकुछ, न्यूज सबकुछ
ब्रेकिंग न्यूज़

पैंथर्स परिवार 26-27 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के विलय दिवस पर विशेष अधिवेशन आयोजन

जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के संस्थापक प्रो.भीमसिंह ने राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए कई सामाजिक एवं मानवीय समूहों का नेतृत्व किया, जिसमें आज घोषणा की गई कि एक ऐतिहासिक सम्मेलन 26-27 अक्टूबर, 2018 को जम्मू-कश्मीर में आयोजित किया जाएगा, जिस दिन जम्मू-कश्मीर के महाराजा ने जम्मू-कश्मीर के विलयपत्र पर भारत संघ के साथ हस्ताक्षर किए थे और 27 अक्टूबर, 1947 को भारत के तत्कालीन गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने विलयपत्र को स्वीकार किया था।
अन्य 575 रियासतों की तरह जम्मू-कश्मीर ने 1947 में विलयपत्र पर हस्ताक्षर किए और सभी प्रस्तावों पर संविधान सभा द्वारा विचार किया गया। यह एक त्रासदी बन गई कि संविधान सभा ने जम्मू-कश्मीर राज्य को छोड़कर सभी राज्यों के विलयपत्र को स्वीकार कर लिया गया। संसद ने 26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान में अस्थायी प्रावधान अनुच्छेद 370 को जोड़ा था। अनुच्छेद 370 में किसी भी प्रावधान को संशोधन करने के लिए भारत के राष्ट्रपति को पूर्ण अधिकार है। जनवरी 26, 1957 को जब जम्मू-कश्मीर का संविधान जम्मू-कश्मीर राज्य में लागू किया गया था, तो उसी दिन जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा निष्फल हो गयी।
प्रो.भीमसिंह ने 1981 में राज्य विधानसभा द्वारा पारित पुनर्वास अधिनियम के विरोध में 1947 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा से इस्तीफा दे दिया, जो लोग जम्मू-कश्मीर से अपनी स्वेच्छा से पाकिस्तान चले गये थे। जम्मू-कश्मीर की विधानसभा ने एक कानून पारित करके उन सब लोगों को जो अपनी स्वेच्छा से पाकिस्तान चले गये थे वापस आने के लिए कानून बना दिया, केवल इतना ही नहीं उनके परिवार के वे लोग भी वापस आ सकते थेे जो पाकिस्तान में पैदा हुए। प्रो.भीमसिंह ने इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर आज तक सुप्रीम कोर्ट की रोक लगी हुई है।
इस स्थिति में भीमसिंह ने कई दोस्तों, सहयोगियों, धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर नए कानून का विरोध करने के लिए जम्मू-कश्मीर में पैंथर्स पार्टी बनाने का फैसला किया, जिससे राज्य की एकता और धर्मनिरपेक्ष चरित्र को खतरा पैदा हो गया था।
प्रो.भीमसिंह ने अपने पुराने व सच्चे साथियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति व्यक्त की कि 26-27 अक्टूबर, 2018 को पैंथर्स परिवार का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि पैंथर्स पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को इस बैठक में शामिल होने की दावत दी जाएगी, जिसमें इस पर विचार किया जाएगा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक धर्मनिरपेक्ष झंडे और प्रजातंत्र, शांति और विकास के हित में लोगों को एकजुट किया जाएगा।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar