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प्रख्यात शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी का निधन, ठुमरी विधा में थीं माहिर

कोलकाता। प्रख्यात शास्त्रीय गायिका गिरिजा देवी का मंगलवार रात महानगर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 88 वर्ष की थीं। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गिरिजा देवी पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं। मंगलवार सुबह करीब 11.30 बजे छाती में दर्द की शिकायत पर उन्हें तुरंत बीएम बिरला हार्ट रिसर्च सेंटर ले जाया गया और सीसीयू में भर्ती किया गया।

वहां इलाज के दौरान रात के करीब 8.55 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर संगीत जगत से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लंबे समय तक उनके सान्निध्य में रहे गायक उस्ताद रशीद खान ने कहा कि गिरिजा देवी उनकी मां जैसी थीं। शास्त्रीय संगीत जगत के लिए ये बहुत बड़ी क्षति है।

गिरिजा देवी के आवास के ऊपर के माले में रहने वाले संगीतकार पंडित अजय चक्रवर्ती ने कहा कि उनके अस्वस्थ होने की जानकारी थी लेकिन वे इस तरह अचानक चली जाएंगी, इसका आभास नहीं था।

उनके निधन से ठुमरी के संसार में घना अंधेरा छा गया है। वे ठुमरी की अंतिम प्रतिनिधि थीं। इतनी उम्र होने पर भी उनकी आवाज का जादू कायम था। उनसे काफी कुछ सीखने को मिला। 8 मई, 1929 को जन्मीं गिरिजा देवी सेनिया और बनारस घराने की शास्त्रीय गायिका थीं।

‘ठुमरी क्वीन’ के नाम से प्रसिद्ध गिरिजा देवी को शास्त्रीय संगीत में उनके उल्लेखनीय अवदान के लिए 1972 में पद्मश्री, 1989 में पद्म भूषण एवं 2016 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा संगीत नाटक एकेडमी अवार्ड, महा संगीत सम्मान अवार्ड समेत कई ढेरों पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है।

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