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प्रद्युम्न मर्डर केस में पुलिस ने की सबूत मिटाने की कोशिश, CBI जांच में खुलासा

नई दिल्ली। रेयन इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के मामले में सीबीआइ जांच से हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। नए खुलासों से गुरुग्राम पुलिस की परेशानी बढ़ती जा रही है। अब सीबीआइ सूत्रों की तरफ से हुए बड़े खुलासे में कहा गया है कि गुरुग्राम पुलिस ने प्रद्युम्न मर्डर केस में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की है।

सवालों के घेरे में गुरुग्राम पुलिस
प्रद्युम्न की हत्या के बाद से ही गुरुग्राम पुलिस के काम करने के तरीके पर सवाल उठते रहे हैं। प्रद्युम्न के पिता ने भी गुरुग्राम पुलिस की थ्योरी पर भरोसा नहीं जताया था और सीबीआइ जांच की मांग की थी। गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में बस के सहायक अशोक को गिरफ्तार किया था, जबकि सीबीआइ ने अपनी जांच में स्कूल के ही सीनियर स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है।

सीबीआइ के रडार अब काफी लोग
गौरतलब है कि प्रद्युम्न हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआइ स्कूल प्रबंधन के शुभ चिंतकों की पहचान करेगी। जांच एजेंसी उनकी भी पहचान करेगी जिनसे घटना के बाद संपर्क किया गया। इससे साफ है कि सीबीआइ के रडार अब पर काफी लोग आ गए हैं।

प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या
भोंडसी गांव के नजदीक स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल की दूसरी कक्षा के छात्र प्रद्युम्न की गला रेतकर हत्या स्कूल के ही बाथरूम में आठ सितंबर को कर दी गई। मामले में सीबीआइ ने स्कूल के ही 11वीं कक्षा के एक छात्र को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया है। उसे न्यायिक हिरासत में फरीदाबाद बाल सुधार गृह में भेजा जा चुका है।

प्रबंधन पर संदेह
मामले में अब प्रबंधन पर संदेह इसलिए है क्योंकि घटना के बाद खून साफ करने का प्रयास किया गया। आशंका है कि यह प्रयास निश्चित रूप से शुभ चिंतकों की सलाह पर किया गया था। बताया जाता है कि घटना के बाद जिन लोगों से मामले में प्रबंधन ने संपर्क किया, उन सभी की पहचान की जाएगी।

किन-किन लोगों साक्ष्य को मिटाने का प्रयास किया
जैसे-जैसे पहचान होगी, वैसे-वैसे उनसे पूछताछ की जाएगी। वैसे काफी शुभ चिंतको की जानकारी सीबीआइ को हो चुकी है जो विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्कूल में पहुंचते थे। यही नहीं आरोपी छात्र के परिजनों के शुभ चिंतको से भी पूछताछ की जा सकती है। सीबीआइ यह पता लगाना चाहती है कि किन-किन लोगों ने मामले को छिपाने का या साक्ष्य को मिटाने का प्रयास किया।

पहले आरोपी की पहचान करने का काम किया जाता है
सीबीआइ के प्रवक्ता आरके गौड़ ने कहा कि जांच में किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए, इसे लेकर जिससे पूछताछ करने की आवश्यकता होगी, की जाएगी। सबसे पहले आरोपी की पहचान करने का काम किया जाता है। आरोपी की पहचान होने के बाद फिर मामले से संबंधित लोगों की पहचान की जाती है। जिसके ऊपर भी संदेह होगा, उससे पूछताछ की जाएगी।

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