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प्रद्युम्न मर्डर: पीट-पीटकर, करंट लगाकर ड्राइवर अशोक से कबूल कराया गुनाह

गुरुग्राम। रेयान स्कूल के छात्र प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में जेल में बंद बस कंडक्टर अशोक को गुरुग्राम की अदालत से जमानत मिल गई है। इसके बाद अशोक अपने गांव घामडौज पहुंचा है। यहां पहुंचने के बाद अशोक ने मीडिया इसके लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वो काफी तकलीफ में है। वहीं अशोक की पत्नी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहां कि उन्होंने अशोक को मारपीट कर जुर्म कबूल करवाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने अशोक को तरह-तरह की यातनाएं दीं, कभी उल्टा लटकाया तो कभी बेरहमी से पीटते। यहां तक कि कई बार उसे उत्तेजित तक किया। बता दें कि 75 दिन जेल में रहने के बाद अशोक अपने घर पहुंचा है। मामले की जांच कर रही सीबीई पर उसे पूरा भरोसा है।

अशोक 76 दिनों बाद पहुंचा अपने घर
रायन इंटरनेशनल स्कूल का बस कंडक्टर अशोक कुमार जेल से रिहा हो गया और 76 दिनों तक हिरासत में रहने के बाद घर पहुंच गया. कुमार को कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अशोक कुमार ने रिहाई के बाद मीडिया से कहा, “मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं कि उसने मुझे न्याय दिया.”
उसके परिवार ने कहा कि यह एक बड़ी राहत है कि उसके परिवार का बेगुनाह सदस्य घर लौट आया. परिवार के एक सदस्य ने कहा, “हरियाणा पुलिस ने थर्ड डिग्री देकर उसे अपराध कबूल करने के लिए मजबूर किया. पुलिस ने उसे नशा भी दिया.” कुमार के वकीलों ने उसकी जमानत का आदेश जेल प्रशासन को बुधवार को अपराह्न् तीन बजे के बाद सौंपा और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे देर शाम जेल से रिहा कर दिया गया. जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कानूनी दस्तावेजों की छानबीन करने के बाद कुमार को रात लगभग आठ बजे रिहा कर दिया गया.” सोहना के पास स्थित कुमार के गांव घमरोज के प्रमुख लोग सुबह से भोडसी जेल के बाहर मौजूद थे, और उन्होंने अशोक के बाहर निकलने के बाद उसका स्वागत किया. उल्लेखनीय है कि 42 वर्षीय कुमार को ठीक उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया था, जिस दिन सात वर्षीय प्रद्युम्न का शव स्कूल के बाथरूम में पाया गया था. उसका गला रेता हुआ था.

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