National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

प्रधानमंत्री की रैली से युवा उदास और जनता हताश

चुनावी वर्ष में आचार संहिता लगने से पूर्व हिमाचल के बिलासपुर में आहूत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली से प्रदेश के युवा निराश एवं जनता हताश है. हिमाचल की जनता और विशेषकर युवाओं को प्रधानमंत्री की तरफ से विशेष घोषणा का इंतजार था. मसलन प्रदेश की जनता की जनभावनाओं के अनुरूप पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की पुरानी मांग के अनुरूप सेना में सिख, गोरखा और जाट रेजिमेंट की तरह हिमाचल रेजिमेंट का गठन, बड़े स्तर पर युवाओं के रोजगार मुहैया कराने वाली किसी बड़ी केन्द्रीय परियोजना की घोषणा तथा भाखड़ा बांध के विस्थापितों के लिए राहत पैकेज के अलावा प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए स्थायी पैकेज की घोषणा की उम्मीद थी. लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रदेश की जनता को अपने हिमाचल लगाव की दुहाई देकर चलते बने. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण खत्म होते-होते युवाओं के सपने भी चकनाचूर हो गये और जनता को हताशा ही हाथ लगी है. भाखड़ा बांध, गोविंद सागर झील और इसके कारण हुए विस्थापितों की कुर्बानियों का जिक्र तो उन्होंने किया लेकिन उनके लिए किसी राहत पैकेज की घोषणा नहीं की. इसी प्रकार प्रदेश के सैनिकों और उनकी शहादत को तो याद किया लेकिन सैनिकों के पुनर्वास के लिए एक शब्द नहीं कहा. पहाड़ी राज्यों की कठिन भूगौलिक परिस्थिति को ध्यान में रखकर किसानों, बागवानों तथा पर्यटन के लिए किसी राहत पैकेज की घोषणा न करना भी प्रदेश की जनता को अखर रहा है. प्रदेश की जनता इस बात से भी हैरान है कि पैट्रोल, डीजल पर एक्साइज बढ़ोतरी, मंहगाई और बढ़ती बेरोजगारी पर प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला और न ही वह कोई आश्वासन दे पाये कि भविष्य में सरकार पैट्रोल, डीजल की घटी अंतर्राष्ट्रीय कीमतों का लाभ जनता को देगी या बेरोजगारी समाप्त करने के लिए उनके पास कोई योजना है. प्रधानमंत्री मोदी जनता को हिमाचल से अपने रिश्तों की मीठी लोरी सुनाकर अगले चुनावों में भाजपा को जिताने की अपील करते नजर आये लेकिन बेरोजगारी, मंहगाई और पैट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ोतरी पर चुप्पी साधे रहे और कांग्रेस को कोसते नजर आये.
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में बनने वाले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान स्वास्थ्य संस्थान (एम्स) की घोषणा तीन वर्ष पूर्व हुई थी. प्रदेश में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार ने उलझने पैदा की और तीन साल बाद इसका शिलान्यास हो सका. यहीं से प्रधानमंत्री ने ऊना में प्रस्तावित ट्रिप्पल आईटी का शिलान्यास भी किया और कांगड़ा के कंदरोड़ी में नवनिर्मित स्टील प्लांट का लोकार्पण भी किया. असल में एम्स, आईटी और इस्पात संयंत्र समेत जिन तीन बड़ी परियोजनाओं का प्रधानमंत्री ने शिलान्यास, लोकार्पण और उदघाटन किया, वह सब पुरानी योजनाएं थीं और पहले से इनकी प्रक्रिया चल रही थी. इसके अलावा प्रदेश की जनता को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री पद को लेकर भी नरेन्द्र मोदी कोई इशारा कर सकते हैं लेकिन उन्होंने अमित शाह और पार्टी लाइन से हटकर कोई संकेत नहीं दिया बल्कि जे पी नडडा के काम की खूब तारीफ की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रैली में तो संतुलन साधने की कोशिश की और धूमल और नडडा को बराबर अहमियत दी. लेकिन समझा जाता है कि अंदरखाने वह प्रेम कुमार धूमल और पार्टी को इशारा कर गये हैं, तभी तो रैली से एक दिन बाद ही प्रदेश भाजपा की तरफ से एक पोस्टर/होर्डिंग सामने आया है जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और प्रेम कुमार धूमल का फोटो क्रमवार लगा है. इससे साफ है कि प्रेम कुमार धूमल ही भाजपा के मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे.
1351 करोड़ रुपए से 205 एकड़ भूमि में बनने वाला एम्स हिमाचल प्रदेश के लोगों को बड़े पैमाने पर लाभान्वित करेगा. आईटी के निर्माण के लिए राज्य सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2014 में 60 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई गई थी. आईटी का निर्माण 128 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा. भारत सरकार लागत का 50 प्रतिशत, जबकि राज्य सरकार 35 प्रतिशत खर्च वहन करेगी और शेष 15 प्रतिशत प्रदेश ऊर्जा निगम तथा प्रदेश ऊर्जा ट्रांसमिशन निगम उद्योग भागीदारों द्वारा वहन किया जाएगा.आरंभ में आईआईआईटी में तीन पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं और कक्षाएं शैक्षणिक सत्र 2014-15 से एनआईटी हमीरपुर में शुरू की गई थीं. इसी प्रकार कांगड़ा जिला के कंदरोड़ी में 70 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस्पात प्रसंस्करण संयंत्र का निर्माण भी 2014 में शुरू हुआ था.
चुनावी वर्ष में आयोजित इस रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी. सांसद अनुराग ठाकुर का संसदीय क्षेत्र और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नडडा का गृह जिला होने के कारण दोनों ही अपने-अपने स्तर पर इसे सफल बनाने में जुटे थे. इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल तथा प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतपाल सत्ती सहित पूरी पार्टी रैली को सफल बनाने में जुटी थी और भीड़ के पैमाने पर रैली को सफल कहा जा सकता है. रैली में हजारों की भीड़ देख गदगद मोदी ने नड्डा की तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि नई-नई स्वास्थ्य सुधार योजनाएं क्रियान्वित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री नड्डा अनेक तौर तरीके ढूंढते रहते हैं.

विजय शर्मा

 

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar