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प्रशासन चुस्त : पोस्टमॉर्टम हाउस का दृश्य रौंगटे खड़े करने वाला, लाशों पर लाशों का ढेर

मुजफ्फरनगर के खतौली में हुए ट्रेन हादसे ने 23 लोगों की जान ले ली है. जबकि इस भीषण दुर्घटना में 150 से ज्यादा लोग जख्मी बताए जा रहे हैं. इस एक्सीडेंट में एक तरफ जहां रेलवे की लापरवाही सामने आ रही है, वहीं स्थानीय प्रशासन की हैरान करने वाली बेदर्दी भी देखने को मिली है.

ट्रेन के डिब्बे पलटने से उसमें बैठे कई यात्रियों की मौत हुई. देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए शवों को डिब्बों से बाहर निकाला गया. इसके बाद शवों को मुजफ्फरनगर में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. मगर, पोस्टमॉर्टम हाउस से जो तस्वीर सामने आई है, वो बेहद शर्मनाक तो ही, साथ ही डरावनी भी है. पोस्टमॉर्टम हाउस में शवों को नीचे फर्श पर इस तरीके से डाला गया है, जैसे कोई ढेर लगा दिया गया हो.

ये तस्वीर इतनी दर्दनाक है कि आपको विचलित कर सकती हैं. इसलिए हम आपको ये तस्वीर नहीं दिखा सकते. पोस्टमॉर्टम हाउस में फर्श पर दर्जनभर लोगों के शव पड़े हुए हैं. शव खून से लथपथ हैं. चारों तरफ बर्फ की सिल्लियां रखी गई हैं. यानी मेडिकल प्रशासन के पास शवों को सही ढंग से रखने तक की जगह नहीं है. यहां तक कि शवों पर ढकने के लिए उनके पास एक सफेद चादर तक नहीं थी.

पोस्टमॉर्टम हाउस का दृश्य रौंगटे खड़े करने वाला था. एक कोने में दर्जनभर बर्फ की सिल्लियां रखी हुई थीं जिसपर लाकर लाशों को पटका जा रहा था. महिला हों या पुरुष, बुजुर्ग हों या युवा जबकी लाशों को ढेर में तब्दील कर दिया गया था. कई परिजन जब अपनों की तलाश में पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे तो लाशों की हालत देखकर हैरान रह गए. उनका कहना था कि पहले हादसे ने उनके अभागे रिश्तेदारों की जान ले ली और अब प्रशासन उनके शवों के साथ इस दर्जे की संवेदनहीनता बरत रहा है.

बता दें कि ये हादसा शनिवार शाम 5 बजकर 46 मिनट पर हुआ. ट्रेन संख्या 18477 कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस पुरी से हरिद्वार की तरफ जा रही थी. इसी दौरान मुजफ्फरनगर के खतौली रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए. पटरी से उतरे डिब्बे ट्रैक के पास बने मकानों और स्कूल इमारत में घुस गए.

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