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फैजाबाद की एक अदालत में मुलायम के खिलाफ परिवाद दायर

अयोध्या(फैजाबाद). उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ अयोध्या में 30 अक्टूबर और दो नवम्बर 1990 को हुये गोलीकाण्ड के सिलसिले में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट(प्रथम) की अदालत में परिवाद दायर किया गया है।

अदालत ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने आज यहाँ बताया कि कल देर शाम अपर मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट(प्रथम) रविन्द्र द्विवेदी के अदालत में मुलायम सिंह यादव के खिलाफ परिवाद दायर किया गया था। अदालत ने दायर परिवाद को सुना और आदेश सुरक्षित रख दिया। उन्होंने बताया कि अदालत पाँच दिसम्बर को अपना आदेश पारित करेगी कि मुकदमा चलाया जाय या नहीं

उन्होने बताया कि अयोध्या में सत्ताईस साल पूर्व दो नवम्बर 1990 को श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान लालकोठी के पास हुये गोली काण्ड में कारसेवक रमेश कुमार पाण्डेय की मृत्यु हो गयी थी। इस मामले में मृतक कारसेवक की पत्नी गायत्री देवी ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्टे्रट(प्रथम) के की अदालत में परिवाद दायर किया जिसमें कहा गया कि उनके पति रमेश कुमार पाण्डेय दो नवम्बर 1990 को दोपहर बारह बजे एकत्रित कारसेवकों की भीड़ देखने हनुमानगढ़ी मंदिर चौराहे पर जा रहे थे। जैसे ही वह लाल कोठी के पास पहुँचे तभी पुलिस की गोलीबारी में उनके पति की मृत्यु हो गयी। मृतक कारसेवक की पत्नी गायत्री देवी ने न्यायालय में दायर परिवाद में कहा है कि उस समय उसे कोई जानकारी नहीं थी कि गोली चलाने के आदेश किसने दिये थे। दायर परिवाद में कहा है कि दो नवम्बर 1990 को अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवादिन ढांचे को गिराने के लिये हजारों की संख्या में कारसेवक पहुंच गये थे। कारसेवकों ने विवादित ढ़ांचे को गिराने की असफल कोशिश की थी। इस बीच कारसेवकों पर पुलिस ने फायरिंग कर दी जिससे कुछ कारसेवकों की मृत्यु हो गयी थी।
फायरिंग में मारे गये कारसेवक रमेश कुमार पाण्डेय की विधवा मह‍िला गायत्री देवी ने कहा है कि गत 22 नवंबर को मुलायम स‍िंह ने अपने जन्मदिन समारोह में अयोध्या में गोली चलवाने की बात को स्वीकार क‍िया है। ऐसे में उन्हें दंड‍ित क‍िया जाए। इस घटना में उसके पति की गोली लगने से मृत्यु हो गयी थी लेकिन इससे पहले वह नही जानती थी कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया था।
दायर याचिका में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने गोली चलाने का आदेश दिया जाना स्वीकार किया है। इस घटना में अनेक निर्दोष लोगों की जाने गयी थी।
श्री यादव ने अपने 79वें जन्मदिन समारोंह में कहा था कि देश की एकता और अखंडता के लिये गोली चलाने का आदेश दिया था। इसमें 28 लोग मारे गये थे ।
याचिकाकर्ता ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120 बी (षड्यंत्र) समेत अन्य मामलों के तहत समाजवादी नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

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