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भारत में किसी राजनीतिक पार्टी को कैसे मिलता है राष्ट्रीय या क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा

नई दिल्ली: देश में इस वक्त चुनावी मौसम है और इस मौसम में न सिर्फ राजनेताओं बल्कि आम आदमी के जहन में भी कई सवाल होते हैं. ऐसा ही एक सवाल पार्टियों से जुड़ा हुआ है. आखिर कैसे कोई पार्टी राष्ट्रीय स्तर की पार्टी का दर्जा पाती है और कैसे कोई क्षेत्रीय पार्टी बनती है. आखिर इसके नियम क्या हैं. आज हम आपको इसी सवाल का जवाब देंगे. सबसे पहले आइए बाताते हैं कि आखिर किसी भी व्यक्ति के लिए पॉलिटिकल पार्टी बनाने का तरीका क्या है.

कैसे बनती है कोई भी राजनीतिक पार्टी
भारत में किसी भी राजनीतिक दल को मान्यता निर्वाचन आयोग के द्वारा प्रदान की जाती है. नई राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए आपको निर्वाचन आयोग के द्वारा निर्धारित आवेदन पत्र को भरना होगा. यह आवेदन पत्र आप आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते है. इसे आयोग के कार्यालय के काउंटर से भी प्राप्त किया जा सकता है. आप अपनी इच्छा के अनुसार इसे डाक के माध्यम से भी प्राप्त कर सकते है. नियमानुसार आवेदन पत्र भरने के बाद आपको इसे रजिस्टर्ड डाक से निर्वाचन आयोग के कार्यालय में भेजना होगा.

राष्ट्रीय पार्टी बनने की क्या हैं शर्तें
एक मान्यता प्राप्त पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा तभी प्रदान किया जा सकता है यदि वह निम्नलिखित तीन में से किसी एक शर्त को पूरा करती है. पहला यह कि वह पार्टी कम से कम 3 अलग-अलग राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 2% सीटें (2014 के चुनाव के अनुसार 11 सीटें) जीतती है.
दूसरी शर्त यह है कि अगर कोई भी पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा या विधान सभा चुनाव में चार राज्यों में 6% वोट प्राप्त करती है तो भी उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है. इन दोनों नियमों के अलावा एक और तरीका है जिससे कोई भी पार्टी चुनाव आयोग से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पा सकती है. इसके लिए उसे चार या चार से अधिक राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त होना आवश्यक है.

कैसे कोई पार्टी बन सकती है क्षेत्रीय पार्टी
किसी राजनीतिक दल को किसी राज्‍य में मान्‍यता प्राप्‍त राजनीतिक दल तभी माना जाएगा यदि वह निम्‍नलिखित में से कोई एक शर्त पूरी करता हो. पहला यह कि किसी आम चुनाव में या विधानसभा चुनाव में उस दल ने राज्‍य विधानसभा की 3 प्रतिशत सीटों (कम से कम तीन सीटों) पर चुनाव जीता हो.
या इसके अलावा लोकसभा या विधानसभा के किसी आम चुनाव में उस राजनीतिक दल ने उस राज्‍य के हिस्‍से की प्रति 25 लोकसभा सीटों पर एक लोकसभा सीट जीती हो. लोकसभा या विधानसभा के किसी आम चुनाव में किसी राज्‍य में उस राजनीतिक दल को कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्‍त हुए हों. तीसरा विकल्प यह है कि उस दल ने उस राज्‍य से एक लोकसभा सीट या 2 विधानसभा सीटों पर चुनाव जीता हो.

देश में इस वक्त 6 राष्ट्रीय पार्टी
राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों को इन शर्तों को हर चुनाव में पूरा करना होता है वरना उसकी सदस्यता जो उसे मिली होती है वह छिन जाती है. आम चुनावों में राजनीतिक दलों के प्रदर्शन के आधार पर मान्यता प्राप्त दलों की संख्या घटती-बढ़ती रहती है. वर्तमान में चुनाव आयोग की लिस्ट में राष्ट्रीय पार्टियों की संख्या 6, राज्यस्तरीय दलों की संख्या 58 हैं.

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