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मदरसा बोर्ड बिल 2018 मुस्लिम समुदाय के खिलाफ- खत्री

झुंझुनूए। जमियत उलेमा हिंद ने राजस्थान सरकार द्धारा प्रस्तावित राजस्थान मदरसा बोर्ड बिल 2018 को मुस्लिम समुदाय के खिलाफ एक खतरनाक षड्यंत्र व मुसलमानों के धार्मिक मामलो मे हस्तक्षेप बताया है। जमियत के प्रदेश महासचिव मौलाना अबदुल वाहिद खत्री ने कहा कि भारतीय मुसलमानों का स्पष्ट मत है कि मदरसे हमारी धार्मिक आवश्यकता है। धार्मिक आवश्यकता एवम अपनी पसंद अनुसार शिक्षा प्राप्त करनाए संस्था स्थापित करना हमारा सैवाधानिक अधिकार है। मदरसा बोर्ड की मौजूदा व्यवस्था नाकाम साबित हुई है। सरकार अब इस बिल के माध्यम से मदरसों की स्वायतता को समाप्त करना चाहती है।
मौलाना खत्री ने कहा है कि मदरसों मे आनेवाले बच्चों की तादाद कुल समुदाय का एक प्रतिशत है। यह सर्वमान्य सत्य है कि 99% मुस्लिम समुदाय शिक्षा मे बुरी तरह पिछड़ा हुआ है। इन बच्चों को शिक्षित कर आगे बढाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सरकार इस जिम्मेदारी को पूरा करने में विफल हुई है। एक प्रतिशत के लिये बेचैनी बदनियती का सूचक है। जमियत प्रस्तावित बिल को खारिज करती है और यह साफ़ करती है कि इस बिल का हर स्तर पर विरोध किया जायेगा। आखिरी दम तक इस बदनियती के खिलाफ सघर्ष किया जायेगा। जमियत की राष्ट्रीय कार्य कारिणी की बैठक 30 जून को दिल्ली मे होगी। जहाँ पर इस मुद्दे पर रणनीति तय की जायेगी। केंद्रीय नेतृत्व से दिशा निर्देश मिलने के बाद इसी मुद्दे को लेकर एक जुलाई को सरदारशहर मे राज्य कार्य कारिणी की बैठक होगी।

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