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‘मन की बात’ @ 38 : मन की बात में ‘न्यू इंडिया’ और ‘पाजिटिव इंडिया’पर जोर

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘न्यू इंडिया’ के बाद अब ‘पाजिटिव इंडिया’ का नारा दिया है और लोगों से इसे सोशल मीडया पर प्रचारित करने की अपील की है । श्री मोदी ने आज अपने मन की बात कार्यक्रम में संविधान के अनुरूप न्यू इंडिया बनाने के साथ -साथ लोगों ने पासिटिव इंडिया बनाने की बात कही और इसके लिए वर्ष 2017 के अपने पांच सबसे ज्यादा सकारात्मक अनुभवों को भी उनके साथ साझा करने को कहा ताकि नये वर्ष में देश में सकारात्मकता का माहौल बने ।

श्री मोदी ने कानपुर की नीरजा सिंह के टेलीफोन काल के जवाब में यह बात कही । उन्होंने कहा ,‘आपकी बात सही है कि 2017 पूर्ण हो रहा है, 2018 दरवाज़े पर दस्तक दे रहा है। लेकिन आपने अच्छा सुझाव दिया है। आप ही की बात से मुझे उसमें कुछ जोड़ने का मन करता है। हमारे यहाँ गाँव के अंदर जो हमारे वरिष्ठ लोग होते हैं, गाँव के जो बूढ़े लोग होते हैं, बड़े-बूढ़े हमेशा कहा करते हैं- दुख को भूलो और सुख को भूलने मत दो। दुख को भूलें, सुख को भूलने न दें। मुझे लगता है, इस बात को हमे प्रचारित करना चाहिए। हम भी 2018 में शुभ का स्मरण करते हुए, शुभ का संकल्प करते हुए प्रवेश करें। ’

श्री मोदी ने कहा कि हम वर्ष के अंत में लेखा-जोखा, चिंतन-मनन और मंथन करते हैं तथा अगले वर्ष के लिए योजनाएँ बनाते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम 2018 में प्रवेश करें तो अच्छी चीज़ों को याद करें अच्छा करने का संकल्प लें । उन्हाेंने लोगो को सुझाव दिया कि वे 5-10 सकारात्मक बाताें का सोशल मीडिया के जरिये साझा करें।

उन्होंने कहा कि लोग नरेंद्र मोदी ऐप ,माई गर्वमेंट ऐप और सोशल मीडिया के मंचों पर हैशटैग पासिटिव इंडिया के जरिये सकारात्मक बातों को फैलायें और प्रेरक घटनाओं का स्मरण करें । इस हैश टैग पर लोग फोटो भी डाल सकते हैं । श्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद ने विश्व की मानवता को ललकारा है और वह मानवीय शक्तियों को नष्ट करने पर तुला है और इसलिए विश्व की सभी मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होकर इसे पराजित करना होगा । उन्होंने कहा कि भारत के लोग गत 40 वर्ष से आतंकवाद का कहर झेल रहे हैं और हजारों बेगुनाह लोगों ने अपनी जानें गंवाई है। कुछ वर्ष पहले, भारत जब दुनिया के सामने आतंकवाद की चर्चा करता था तो बहुत से लोग इसे गंभीरता से लेने को तैयार नहीं थे। लेकिन आज जब आतंकवाद उनके अपने दरवाज़ों पर दस्तक दे रहा है तब दुनिया की हर सरकारों ने इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में देखना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि संविधान हमारे लोकतंत्र की आत्मा है। हमारा यह कर्तव्य है कि हम संविधान का अक्षरशः पालन करें। नागरिक हों या प्रशासक,संविधान की भावना के अनुरूप आगे बढ़ें। किसी को किसी भी तरह से क्षति ना पहुँचे – यही संविधान का संदेश है। संविधान निर्माताओं के विचारों का प्रकाश में नया भारत बनाना ,हम सब का दायित्व है।
श्री मोदी ने कहा कि1949 में आज ही के दिन संविधान-सभा ने भारत के संविधान को स्वीकार किया था और 26 जनवरी 1950 को यह लागू हुआ था । आज का दिन संविधान-सभा के सदस्यों को स्मरण करने का दिन है जिन्होंने इसे बनाने के लिए तीन वर्षाें तक कठोर परिश्रम किया था ।
प्रधानमंत्री ने न्यू इंडिया के बाद अब पाजिटिव इंडिया का नारा दिया है और लोगों से इसे सोशल मीडिया पर प्रचारित करने की अपील की है।

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