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महात्मा गांधी ने अहिंसा को हथियार बनाकर अंग्रेजों को दी कडी टक्कर : बलजीत कौशिक

कांग्रेसियों ने मनाया राष्ट्रपिता व पूर्व प्रधानमंत्री का जन्मदिवस

फरीदाबाद। फरीदाबाद के पूर्व विधायक आनन्द कौशिक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव बलजीत कौशिक ने अपने सैक्टर-9 स्थित कार्यालय पर स्वतंत्रता संग्राम मे सत्य और अंहिसा को अपना शस्त्र बनाकर अंग्रेजी सरकार से टक्कर लेने वाले राष्ट्रपिता मोहनदास कर्मचंद गांधी एवं सादगी की मूर्त पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्मदिवस मनाया गया। इस अवसर पर उन्होने महात्मा गाँधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रो पर फूलमाला चढ़ाकर तथा पुष्प अर्पित करके महात्मा गांधी अमर रहे, लाल बहादुर शास्त्री अमर रहेें के नारे लगाये गये। इस अवसर पर पूर्व विधायक आनन्द कौशिक ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में जंहा एक ओर युवा क्रांतिकारियों ने अपने जीवन की आहुति दी वंही दुसरी ओर महात्मा गाँधी ने सत्य और अंहिसा के बल पर अंग्रेजो को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। महात्मा गांधी ने इससे पहले दक्षिणी अफ्रीका में काले गोरे के भेदभाव के खिलाफ अंहिसात्मक आंदोलन किया और उन्होने दक्षिणी अफ्रीका मे काले गोरे का भेदभाव खत्म किया। जब महात्मा गांधी अपने देश भारत आये तो यंहा पर अंग्रेजी हुकुमत देशवासियों पर बेंइतहा जुल्म ढहा रहे थी, जिससे वे अत्यंत दुखी हुए और अपना समस्त जीवन देश के नाम कर दिया और आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। उन्होने बताया कि महात्मा गांधी का देश सदैव कृतज्ञ रहेगा। आजादी की लड़ाई हो या देशवासियों के हकों की लडाई हो वे हमेशा आगे रहे और लोगो को उनके हक और सम्मान दिलाया। इस अवसर पर बलजीत कौशिक ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री, सादगी और त्याग की मूर्ति थे। उन्होने अपना जीवन देश की सेवा लगा दिया। श्री लाल बहादुर शास्त्री जी देश के गरीब, किसानों, मजदूरो की आवाज थे। उन्होने देशवासियों को जय जवान-जय किसान का नारा दिया। इस अवसर पर प्रो. डा. एम पी सिंह, पूर्व पार्षद अनिल शर्मा, बेदी प्रधान, रेनू चौहान, देवेन्द्र दीक्षित, लक्ष्मी नारायण मित्तल, प्रधान गोल्डी बरेजा, कंवर सिंह मलिक, योगेश तंवर, बिल्लू यादव प्रधान प्रेम नगर, प्रीतम प्रधान इंदिरा नगर, भारत वशिष्ठ, सोनू, मेहरचंद पाराशर, रंधावा फागना, सुनीता फागना सहित सैंकडों कार्यकर्ता व पदाधिकारी विशेष रूप से मौजूद थे।

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