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मीडिया में काम करने वाले भी आम इंसानो जैसे ही होते हैं

सब टीवी के काॅमेडी शो आदत से मजबुर में मैंने एक फोटोग्राफर लड़की का रोल किया है। यह कहानी एक पब्लिकेशन हाउस की है जो सिटी चक्कर नामक मेग्जीन निकालता है। तीन लड़के और दो लड़कियां हम पांच लोग मुख्य रुप से यहां काम करते है। हम एक-दूसरे के फ्रेनेमी है क्योंकि हम वैसे बहुत अच्छे दोस्त है पर काम के समय एक-दूसरे से काम्पीटिशन भी करते है पर कभी भी एक दूसरे का बुरा नहीं करते हैं।
इन पांच युवाओं के अपने सपने है जीवन को जीने का अपना अंदाज है। मैंने समीक्षा का रोल किया है। समीक्षा लड़को व लड़कियों में समानता की पक्षधर है इसके लिए वह कुछ भी कर सकती है। इस शो में सभी किरदार की अपनी एक खास आदत है जिसे वह छोड़ते नहीं है जैसे समीक्षा बहुत आलोचनात्मक है और हर चीज को व्यवस्थित रखना उसकी आदत है जो कभी-कभी सीमा से ज्यादा हो जाती है। हमारे बाॅस का किरदार अनन्त महादेवन कर रहे है वे सारे काम एक साथ करना चाहते है, बहुत हल्का फुल्का काॅमेडी शो है जिसे दर्शक जरुर पसंद करेंगे।
इस शो में मीडिया जगत व इसमें काम करने वालो को बहुत ही हल्के फुल्के अंदाज में दिखाया गया है। अक्सर लोगों के मन में यह इमेज होती है कि मीडिया में काम करने वाले लोगों की लाइफ अलग होती है उनकी सोच भी अलग होती है। इस शो में दिखाया गया है कि ये लोग भी आपके जैसे आम इंसान है। हमको एक स्टोरी या एक फोटो के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है है सेलीब्रिटी के इंटरव्यु कितनी मुश्किलों से मिलते है और उसे बाद इन सबको इतने प्रभावी तरिके से मेग्जीन में छापना कि लोग देखे पसंद करे और पढ़े। पर इन सबके साथ शो में काॅमेडी भी है जो आपका भरपूर मनोरंजन करेंगी।
मैंने काॅमेडी पहली बार की है बड़ा चेलेन्जिग है पर मुझे विश्वास है में अच्छा करुगी। में भविष्य के बारे में बहुत प्लानिंग नहीं करती हूं जो अभी वर्तमान में कर रहे है उसमें बेहतर करे कल की कल सोचेंगे। आदत से मजबुर शो में युवाओं के सपने उनका पहला जाॅब और मंजिल को पाने के उनके अलग-अलग तरिको में वे साथ में काम करते है और फ्रेनेमी जैसे नए शब्दो का उपयोग करते है जो आजकल चलन में है।
फ्रेनेमी-फ्रेन्ड व एनेमी को मिलाकर बनया गया शब्द है और जिन्दगी में हर जगह ऐसे लोग सभी को मिलते है जो एक समय पर दोस्त है और दूसरे समय पर दुश्मन बन जाते है। यह युवाओं का अपना तरिका है अपनी बात अपनी सोच को कहने का।

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