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मूल्यों और सिद्धांतों के लिए लड़ी इंदिरा गांधी: सोनिया

नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि लौह महिला के रूप में विख्यात पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हमेशा निजी हितों और व्यक्तिगत एजेंडा के विरुद्ध रहीं और वह जीवनभर मूल्यों और सिद्धांतों के लिए लड़ती रही। कांग्रेस अध्यक्ष ने इंदिरा गांधी के जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर यहां उनके जीवन के विभिन्न पक्षों को प्रदर्शित करती फोटो प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में कहा “लौह जैसा गुण इंदिरा गांधी के व्यक्तित्व में एक तत्व की तरह थे। उदारता और मानवता उनमें भरी थी और वह आजीन निजी हितों और व्यक्तिगत एजेंडे के विरुद्ध तथा सिद्धांतों के लिए लड़ती रहीं।” इस मौके पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी अौर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि इंदिरा जी को धौंस, उत्पीड़न और अन्याय किसी भी स्तर पर बर्दास्त नहीं था। उनके चरित्र का बुनियादी हिस्सा था। इस गुण से वह जीवनभर प्रभावित रहीं और इसी के आधार पर उन्होंने जीवन की विभिन्न चुनौतियों का मुकाबला किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इंदिरा गांधी ने धर्म और जाति के आधार पर देश को बांटने वाली शक्तियों का हमेशा डटकर मुकाबाल किया और धर्म निरपेक्षता के सिद्धांत के लिए संघर्ष करती रहीं। वह हमेशा देश की विविधता, इसकी लोकतांत्रिक बुनियाद तथा धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की प्रशंसक रहीं ।
श्रीमती गांधी ने कहा कि इंदिराजी ने प्रभावशाली देशों के प्रभुत्व के खिलाफ देश के गौरव और इसकी संप्रभुता की लड़ाई लड़ी। उन्होंने यह लड़ाई सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि इसी सिद्धांत के तहत वह अन्य उपनिवेश देशों के लिए भी लड़ती रही। बंगलादेश की आजादी में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि श्रीमती गांधी ने गरीबी और असमानता के खिलाफ लड़ाई छेडी और देश को प्रगति की राह पर खडा किया। उन्होंने 16 साल तक देश का नेतृतव किया और इस दौरान वह देश की एकता के लिए तथा गरीबी, असमानता और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष करती रहीं।
उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी को हर बुराई से मुकाबला करने की सीख उनके पिता और देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से मिली थी तथा इसी ने उन्हें देश की संप्रभुता को अक्षुण रखने तथा सांप्रदायिकता और सामाजिक न्याय के विरुद्ध लड़ने की अटल ताकत दी थी।
इंदिरा गांधी स्मारक न्यास पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शताब्दी वर्ष के अवसर पर 19 नवंबर को उनके जीवन से जुड़ी विशिष्ट फोटोग्राफी की प्रदर्शनी का आयोजन करेगा।
पूर्व प्रधानमंत्री की शताब्दी जयंती समारोह के मौके पर उनकी स्मृतियों के संग्रहण के लिए गठित इंदिरा गांधी स्मारक संग्रहालय ने उनके आखिरी निवास स्थान एक सफदरजंग रोड पर उनके जीवन से जुड़े विशिष्ठ चित्रों को प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी में इंदिरा गांधी के जीवन की विभिन्न झांकियों को फोटोग्राफी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इसमें 200 से ज्यादा ऐसे विशिष्ट फोटाे हैं जिन्हें आम लोगों ने नहीं देखा है। इन फोटोग्राफ को पहले सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित नहीं किया गया। इन चित्रों में पंडित जवाहर लाल नेहरू की पुत्री होने से लेकर प्रधानमंत्री पद तक के उनके सफर की झांकी प्रस्तुत की जाएगी1
इसमें सबसे ज्यादा आकर्षण इलाहाबाद के आनंद भवन में फिरोज गांधी के साथ 1942 में इंदिरा गांधी के विवाह समारोह से जुड़ी रंगीन फिल्म है। इसके साथ ही इसमें 1971 के बंगलादेश की आजादी के लिए युद्ध की घोषणा के फुटेज भी दिखाये गए हैं।
प्रदर्शनी में अलग से उनकी पुस्तकों, लेखन, हाथ से लिखे पत्रों तथा दिनचर्या से जुड़े विषयों से जुड़े फोटो की प्रदर्शनी भी लगेगी जिसमें उनकी डायरियों के पन्नों, हस्तलेखों, उन पर जारी डाक टिकटों तथा निजी जीवन से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां दी गयी हैं। इसमें एक प्रभावशाली पिता की पुत्री, आजादी के संघर्ष तथा नेहरू परिवार के निजी जीवन से जुड़े असंख्य चित्र शामिल हैं।

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