National Hindi Daily Newspaper
ब्रेकिंग न्यूज़

मूवी रिव्यू ‘अ जेंटलमैन’

कलाकार
सिद्धार्थ मल्होत्रा, जैकलीन फर्नांडिस, हुसैन दलाल, दर्शन कुमार, सुनील शेट्टी
निर्देशक
राज और डीके
मूवी टाइप
Action Comedy
अवधि
2 घंटा 12 मिनट

कहानी: जब-जब जिसके लगने हैं, तब-तब उसके लगते हैं। फिल्म ‘अ जेंटलमैन’ में गौरव (सिद्धार्थ मल्होत्रा) के साथ भी कुछ ऐसा ही होता है। गौरव एक सुंदर और सुशील लड़का है, जो मियामी में एक कॉर्पोरेट कंपनी में जॉब करता है। उसके दोस्तों के मुताबिक उसकी लाइफ रिवर्स चल रही है। उसने अपना घर खरीद लिया है और बच्चों के लिहाज से बड़ी गाड़ी भी लेकिन उसकी लाइफ में अभी एक गर्लफ्रेंड की कमी है, जिसके लिए वह अपनी ऑफिस कलीग काव्या (जैकलीन फर्नांडिस) को पटाने की कोशिश करता है लेकिन जैकलीन चाहती है कि उसका लाइफ पार्टनर सुंदर और सुशील होने के साथ थोड़ा रिस्की भी हो। मसलन जब काव्या की फ्रेंड उससे पूछती है कि आखिर गौरव में क्या कमी है? तो वह कहती है कि कोई कमी नहीं है, यही उसकी कमी है। वह कुछ ज्यादा ही सेफ है। हालांकि काव्या के पैरंट्स को जरूर सर्वगुण संपन्न गौरव बेहद पसंद आ जाता है।

उधर मुंबई में कर्नल (सुनील शेट्टी) की यूनिट एक्स में काम करने वाला ऋषि (सिद्धार्थ मल्होत्रा) बेहद खतरनाक फाइटर है। कर्नल की खातिर वह अपनी टीम के साथी याकूब (दर्शन कुमार) के साथ खतरनाक मिशनों को अंजाम देता है। बचपन से यही काम कर रहा ऋषि एक दिन इस निर्दोष लोगों की जान लेने वाली मारकाट भरी लाइफ से बोर हो जाता है और सेटल होने की खातिर कर्नल से अलग होने की इजाजत मांगता है। इसकी एवज में कर्नल ऋषि को एक लास्ट टास्क देता है, जिसमें उसे एक एजेंट से खुफिया जानकारी वाली ड्राइव हासिल करनी है। हालांकि मिशन पूरा होने के बाद कर्नल के आदेश के मुताबिक ऋषि के साथी उसे मारने की कोशिश करते हैं लेकिन वह खुफिया ड्राइव लेकर निकल जाता है। वहीं, मियामी में एक दिन अचानक काव्या यह देखकर हैरान रह जाती है कि उसके सीधे-साधे बॉयफ्रेंड गौरव का मुकाबला गुंडों से होता है, तो वह न सिर्फ उनकी जबर्दस्त पिटाई करता है बल्कि गन से जमकर फायर भी करता है। आखिर गौरव और ऋषि का आपसी रिलेशन क्या है? यह जानने के लिए आपको थिअटर जाना होगा।

रिव्यू: फिल्म के डायरेक्टर राज ऐंड डीके अपनी थोड़ा हटकर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं लेकिन इस बार वे कहानी के साथ पूरा न्याय नहीं कर पाए। खासकर फिल्म का स्क्रीनप्ले और प्लॉट कमजोर है। फर्स्ट हाफ में फिल्म की स्पीड ठीकठाक है लेकिन सेकंड हाफ में यह भटक जाती है। फिल्म देखते वक्त कई बार दर्शक कुछ चीजों को लेकर कंन्फ्यूज नजर आते हैं। फिल्म में ऐक्शन के अलावा गोलीबारी के सीन्स की भरमार है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ने सीधे-सादे गौरव के रोल को बखूबी निभाया है लेकिन रिस्की ऋषि के रोल में वह उतना नहीं जमे हैं। फिल्म में दो अलग-अलग लोगों का किरदार प्ले करने की वजह से वह करीब-करीब हर शॉट में पर्दे पर नजर आते हैं। फिल्म में जैकलीन के पास करने के लिए बहुत कुछ नहीं था लेकिन फिर भी फिल्म के कुछ गानों में वह जमी हैं, तो ऐक्शन सीन में भी उन्होंने बेहतर करने की कोशिश की है। दर्शन कुमार ने जरूर फिल्म में अपना दम दिखाया है। कई सीन में वह सिद्धार्थ को पूरी टक्कर देते हैं। वहीं सिद्धार्थ के फ्रेंड के रोल में हुसैन दलाल दर्शकों के चेहरे पर हंसी लाने में कामयाब रहे। सुनील शेट्टी ने गेस्ट रोल में अपना किरदार बखूबी निभाया है। डायरेक्टर राज ऐंड डीके ने भारतीय दर्शकों के लिए मियामी की खूबसूरत लोकेशंस को जरूर बड़े पर्दे पर बेहतरीन अंदाज में दिखाया है हालांकि फिल्म के गाने उतने दमदार नहीं हैं और बस रस्म अदायगी करते हैं।

Print Friendly, PDF & Email
Skip to toolbar