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यस बैंक कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए एपीआई-आधारित डिजिटल एनएसीएच ऑन-बोर्डिंग पेश करने वाला पहला बैंक बना

कॉर्पोरेट को रीयल-टाइम आधार पर एनएसीएच निष्पदित करने की अनुमति देता है, 15 दिन की मौजूदा प्रक्रिया को गति देता है

नई दिल्र्ली l 10 दिसंबर 2018रू यस बैंक, भारत की चैथी सबसे बडी निजी क्षेत्र की बैंक ने कॉरपोरेट को नेट बैंकिंग के माध्यम से अपने ग्राहकों से एनएसीएच डेबिट स्वीकार करने के लिए एंड-टू-एंड प्रक्रिया के सफल लॉन्च की घोषणा की है.
भारतीय भुगतान उद्योग राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (एनएसीएच) के साथ परिवर्तन के अगले स्तर में प्रवेश कर चुका है. ऐसे में, यस बैंक का लक्ष्य नई समाशोधन सेवा देना है, ताकि कॉरपोरेट को एपीआई का लाभ मिल सके. इसके तहत, कॉरपोरेट के साथ एपीआई को एकीकृत किया जाएगा, जिससे कॉरपोरेट अपने संबंधित भुगतान गेटवे पर ऑनलाइन एनएसीएच स्वीकार कर सके. एपीआई ईमैंडेट में एपीआई के माध्यम से कॉर्पोरेट क्लाइंट, एनपीसीआई और बैंक के रिटेल नेट बैंकिंग प्लेटफार्म के बीच एकीकरण की आवश्यकता होती है. एपीआई आधारित ई-मैंडेट्स के माध्यम से, बैंक के कॉर्पोरेट क्लाइंट एनएसीएच डेबिट मैंडेट को सुरक्षित करने में सक्षम होंगे यानी एक ऑनलाइन इंटरफेस के माध्यम से अपने उपभोक्ताओं ध् उपयोगकर्ताओं से एक बार भुगतान निर्देश पा सकेंगे. इससे वर्तमान की पेपर प्रक्रिया पर निर्भरता कम हो जाएगी.
इस पर टिप्पणी करते हुए, अजय राजन, ग्रुप प्रेसिडेंट और ग्लोबल हेड ट्रांजैक्शन बैंकिंग सेल्स, यस बैंक ने कहा कि लांच के बाद से, यस बैंक एपीआई बैंकिंग स्पेस में आगे बढ़ रहा है. ग्राहकों को सर्वोत्तम श्रेणी में डिजिटल फर्स्ट सेवा प्रदान करने के हमारे निरंतर प्रयास में, हम कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए एपीआई आधारित डिजिटल एनएसीएच ऑन-बोर्डिंग शुरू करने वाला पहला बैंक बन कर हम प्रसन्न हैं. इस सेवा की शुरूआत से हम न केवल हमारे साथ जुड़े हजारों कॉर्पोरेट ग्राहकों के दैनिक लेन-देन और भुगतान कार्य प्रवाह को स्वचालित करने में एक नया अध्याय शुरु कर रहे हैं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करते हैं कि हम डिजिटलीकरण के माध्यम से महत्वपूर्ण परिचालन क्षमताएं प्राप्त करें.
एनएसीएच डेबिट्स यूटिलिटी कंपनियां, एनबीएफसी, बीमा, म्यूचुअल फंड और एजुकेशन इंस्टीट्यूट इत्यादि जैसे कई क्लाइंट सेगमेंट में इस्तेमाल हो सकती है. बैंक का लक्ष्य बैंक आधारित और ई-मैंडेट्स के जरिए बैंकों और निगमों के लिए महत्वपूर्ण लागत और परिचालन क्षमताएं बेहतर बनाना है और साथ ही मौजूदा पेपर आधारित प्रक्रिया को कम करना है. दाहरण के लिए, पेपर आधारित एनएसीएच डेबिट पंजीकरण प्रक्रिया में 15 से 20 दिन लगते है जबकि एपीआई आधारित प्रक्रिया के तहत यह काम 2 दिनों में हो जाएगा.
एपीआई ई-मैंडेट्स की शुरुआत ईसाइन (आधार) के बाद एनपीसीआई द्वारा शुरु ई-मैंडेट का पालन करता है, जहां यस बैंक पहले ही उद्योग में नेतृत्व की स्थिति प्राप्त कर चुका है.

  • यस बैंक लिमिटेड के बारे में
    यस बैंक, भारत की चैथी सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की बैंक हैए जिसका हेडक्वार्टर लोअर परेल इनोवेशन डिस्ट्रिक्ट में है. यस बैंक अपने संस्थापक राणा कपूर और अपने शीर्ष प्रबंधन टीम के पेशेवर और उद्यमी प्रतिबद्धता का नतीजा है. यह एक उच्च गुणवत्ता, ग्राहक केंद्रित सेवा स्थापित करने के लिए संचालित बैंक है.
    यस बैंक ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्वोत्तम प्रथाओं, सेवा की गुणवत्ता और परिचालन उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को अपनाया है और अपने सभी मूल्यवान ग्राहकों के लिए व्यापक बैंकिंग व वित्तीय समाधान प्रदान करता है.
    यस बैंक की बैंकिंग ज्ञान आधारित दृष्टिकोण अपनाता है और इसकी खुदरा क्षेत्र, कॉर्पोरेट और उभरते कॉरपोरेट बैंकिंग ग्राहकों के लिए एक बेहतर ग्राहक अनुभव है. यस बैंक तेजी से 2020 तक भारत में विश्व की सबसे अच्छी गुणवत्ता वाली बैंक बनने की मिशन के साथ भारत के पेशेवर बैंक के रूप में विकसित हो रहा है.
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