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रमन बनेंगे 14 वर्ष तक पद पर रहने वाले भाजपा के पहले मुख्यमंत्री

रायपुर। इसी सप्ताह सात दिसम्बर को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के पद पर अपने 14 वर्षों का कार्यकाल पूरा करने वाले डा.रमन सिंह लगातार चुनावी सफलताएं हासिल कर रही भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बन जायेंगे। इसी वर्ष 14 अगस्त को लगातार पांच हजार दिन पद पर रहने का रिकार्ड बनाने वाले डा.सिंह ने साधारण किसान परिवार में जन्म लेकर पार्षद से राजनीतिक सफर शुरू किया था,और 2003 में राज्य में हुए चुनावों में भाजपा को बहुमत मिलने के बाद सात दिसम्बर को मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभाला था।उनके नेतृत्व में भाजपा ने लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीते,और इस दौरान लोकसभा के हुए तीन चुनावों में 11 में 10 सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत दिलाई।

राजनीतिक मोर्चे से लेकर विकास के मोर्चे तक उपलब्धियों का एक लम्बा चौड़ा रिकार्ड बनाने वाले डा.सिंह 14 वर्ष तक लगातार पद पर बने रहने वाले भाजपा के मुख्यमंत्रियों में पहले स्थान पर जबकि देश के मौजूदा मुख्यमंत्रियों में चौथे स्थान पर बने हुए है।मौजूदा मुख्यमंत्रियों में डा.सिंह से अधिक समय से मुख्यमंत्री रहने वालों में सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिग पहले,त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक सरकार दूसरे तथा ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक तीसरे स्थान पर है।

पिछले वर्ष ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुजरात के 4610 दिन तक का मुख्यमंत्री रहने का रिकार्ड तोड़ चुके डा.सिंह के कार्यकाल के आसपास भी इस समय कोई भाजपा शासित राज्य का मुख्यमंत्री नही है।देश में सर्वाधिक कार्यकाल वाले ..टाप टेन.. मुख्यमंत्रियों की सूची में काफी पहले अपना नाम दर्ज करवा चुके डा.सिंह भाजपा के सर्वाधिक कार्यकाल वाले मुख्यमंत्री बनने के साथ ही शायद पार्टी के पहले मुख्यमंत्री होंगे,जोकि व्यक्तिगत रूप से कभी विवादों में नही घिरे।राजनीतिक जागरूकता के इस दौर में जबकि महज एक कार्यकाल में मुख्यमंत्रियों को अपनी व्यक्तिगत छवि तक आम लोगो में बनाए रखने की जहां बड़ी चुनौती होती है,वहीं सरकार एवं मंत्रियों के कामकाज पर सवाल उठाने वाले भी मानते है कि 14 वर्ष बाद भी डा.सिंह की जन नेता की छवि सब पर भारी है। डा.सिंह के प्रति आम लोगो में कोई असन्तोष नही होना उल्टे अच्छी छवि बनी रहने को राजनीतिक जानकार उनकी बड़ी पूंजी मानते है।विपक्षी दल भी मानते है कि डा.सिंह की आम लोगो में बनी छवि उनके लिए चुनौती है।इसके चलते तीसरे कार्यकाल में विपक्षी दल हालांकि लगातार उन्हे कभी नान घोटाले,हेलीकाप्टर खऱीद जैसे मामले उठाकर व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने का प्रयास कर रहे है,पर अभी तक एक भी मामले में उन्हे पुख्ता प्रमाणों के साथ नही घेर पाए है।इक्का दुक्का गुपचुप कवायदों को छोड़ दे तो भाजपा के भीतर से भी अब तक उन्हे कभी कोई कड़ी चुनौती का सामना नही करना पड़ा।
जिस दौर में शहरी एवं पंचायती निकायों में मुख्य पदों चुने जाने वाले जनप्रतिनिधियों तक के सत्ता के घमंड में चूर होने की खबरे मिलती रहती है,उसी दौर में देश के लो फ्रोफाईल मुख्यमंत्रियों में शुमार डा.सिंह को आम लोगो से मिलने में कभी गुरेज नही रहता।उनके साथ बाते करना उनके दुख दर्द को सुनना उनकी आदत में शुमार है।आकस्मिक रूप से स्कूलों में पहुंचकर बच्चों के साथ कतार में बैठकर मध्यान्ह भोजन करना,प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के लाभार्थी के घर आकस्मिक रूप से पहुंचकर किचन में जाकर गरीब महिलाओं से आत्मीयता से बाते करने,किसानों से जुड़ी योजनाओं के बारे में आत्मीयता से फीडबैक लेना जहां उनकी आदत में शुमार है,वहीं आम लोगो के बीच उन्हे यह लोकप्रिय भी बनाता है।
मई एवं जून में देश के सर्वाधिक गर्म स्थानों में से एक छत्तीसगढ़ में लू के थपेड़ो के बीच मुख्यमंत्री बनने के बाद से डा.सिंह हर वर्ष वह गांवों में आकस्मिक रूप से हेलीकाप्टर में पहुंचते है,पेड़ो के नीचे ग्रामीणों की चौपाल लगाते है,उनसे विकास कार्यों के बारे में जानकारी लेते है और उनकी मांग पर करोडों की विकास कार्यों की सौगात देते है।विकास की दौड़ में आगे बढ़ने की ललक रखने वाले तमाम ग्रामवासियों को उनके इस लोकप्रिय कार्यक्रम गाम सुराज का इंतजार रहता है।
पिछले14वर्षों में डा.सिंह के नेतृत्व में राज्य की तस्वीर बदल गई है।राज्य ने राजनीतिक स्थिरता के चलते चौमुखी प्रगति की है।राज्य के गठन के समय जहां छह हजार करोड रूपए का वार्षिक बजट था वहीं यह अब बढ़कर एक लाख करोड़ तक पहुंच चुका है।21वीं सदी की अवधारणा से निर्मित की गई देश की पहली खूबसूरत प्रादेशिक राजधानी नया रायपुर का निर्माण,सरप्लस बिजली,देश की सर्वाधिक सराहनीय सार्वजनिक वितरण व्यवस्था,समर्थन मूल्य पर धान खरीद,सभी नागरिकों को 50 हजार रूपए का मेडिकल बीमा उन अहम योजनाओं में शामिल है जिनकी देश में सराहना हुई है। राज्य में 14 वर्षों में मूलभूत अद्योसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए है।सड़क, स्कूल, कालेज,अस्पताल, मेडिकल शिक्षा,तकनीकी एवं प्रबंधकीय शिक्षा,पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को मुहैया करवाने में राज्य में इतना काम हुआ है कि छत्तीसगढ़ के साथ ही गठित दो राज्यों झाऱखंड एवं उत्तराखंड की यहां से कोई तुलना ही नही हो सकती।मोदी सरकार के सर्वाधिक प्राथमिकता वाले लगभग सभी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में अग्रणी राज्यों में छत्तीसगढ़ शामिल है।
राज्य में कई क्षेत्रों में नवाचार भी हुए जिसमें कई देश के दूसरे राज्यों में लागू हुए।जानकारों के अनुसार डा.सिंह के ब्यूरोक्रेसी को नवाचार की छूट एवं उन्हे विश्वास में लेकर काम करने से बहुत सारी उपलब्धियां संभव हुई है।उन्होने मुख्यमंत्री सचिवालय हो या फिर सरकार की छवि बनाने वाला जनसम्पर्क विभाग युवा एवं तेज तर्रार माने जाने वाले अफसरों को दायित्व सौंप रखा है।
विरासत में मिली नक्सल समस्या जरूर अभी भी राज्य के लिए चुनौती बनी हुई है,लेकिन वहां भी हालात बदल रहे है।डा.सिंह ने दो दिन पहले ही बीजापुर में फिर दोहराया कि नक्सली कितनी भी बाधा पहुंचाएं वह इस इलाके का विकास करके ही चैन लेंगे।उनका दावा है कि 2022 तक बस्तर को नक्सल समस्या से मुक्त कर देंगे।तमाम चुनौतियों के बावजूद इस इलाके में तेजी से तस्वीर बदल रही है।राज्य के मंत्री भी जिन इलाके में जाने से कतराते है डा.सिंह मोटर साईकिल से जाकर निर्माण कार्यों का तमाम बार निरीक्षण कर चुके है।
फिलहाल डा.सिंह अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों में लगातार चौथी बार भाजपा को सत्ता में वापस लाने की तैयारियों में अभी से जुट हुए है।मुख्यमंत्री पद की राह जोह रहे भाजपा के कई नेताओं की तमाम गुपचुप कवायदों को दरकिनार कर पार्टी ने उनके नेतृत्व में 2018 में फिर मैदान में उतरने का साफ संकेत पहले ही दे दिया है।डा.सिंह उनके लिए पार्टी सर्वोपरि होने की बात दोहराते हुए कुछ दिनों पूर्व कोरबा में पार्टी की एक बैठक में बहुत ही साफगोई से कह चुके हैं कि..अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इससे अधिक मायने उनके लिए राज्य में चौथी बार भाजपा की सरकार बनाने का है..।
डा.सिंह के 14 वर्ष पूरे होने पर राज्य सरकार ने इस मौके को समारोह पूर्वक मनाने का निर्णय लिया है।आगामी 12 दिसम्बर को ..बेमिसाल 14 साल..के स्लोगन के साथ राज्य भर में कार्यक्रम होंगे। राज्य के जनसम्पर्क विभाग ने पिछले चार दिनों से विभिन्न विभागों की 2003 एवं 2017 की तुलनात्मक स्थिति के दर्शाने वाला प्रचार शुरू कर दिया है।यह सिलसिला 12 दिसम्बर तक लगातार जारी रहेगा।

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