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राजधानी के सभी प्रमुख बस स्टैंड बदहाल

सुविधाओं के लिए तरसते है बसयात्री
भोपाल । राजधानी के प्रमुख चार बस स्टैंडों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से बस यात्री परेशान रहते हैं। इन बसस्टैंडों में आईएसबीटी, नादरा, हलालपुर और पुतलीघर बस स्टैंड शामिल है। यहां से रोजाना 450 बसें संचालित होती हैं। 10 हजार से ज्यादा यात्री गंतव्य स्थान पर आते-जाते हैं। लेकिन, चारों बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। न बैठने की जगह, न ही सामान रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था। चारों बस स्टैंड पर अपडेट किराया सूची चस्पा नहीं गई। इतना नहीं बस स्टैंड पर फोन से बसों के आवागमन की जानकारी नहीं मिलती। बस स्टैंड के टेलीफोन बंद पड़े हैं। ऐसे में यात्रियों को रोजाना अव्यवस्थाओं के बीच यात्रा करनी पड़ रही है। बस स्टैंड पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए निगरानी समितियां बनीं, जो कागजों तक सिमट कर रह गईं। यह स्थिति तब है, जब 4 दिसंबर को संभागयुक्त कवींद्र कियावत चारों बस स्टैंड की व्यवस्था सुधारने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की बैठक ले चुके हैं। राजधानी के आईएसबीटी आधुनिक बस स्टैंड पर टेलीफोन व्यवस्था नहीं है। कई दिनों से फोन बंद पड़ा है। साफ-सफाई व्यवस्था नहीं है। यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां नहीं लगाई गईं। स्टैंड के एक तरफ लो फ्लोर बसों की वर्कशॉप बन गई हैं। अपडेट किराया सूची चस्पा नहीं गई। ऐसे में यहां आने वाले यात्री रोजाना परेशान होते रहते हैं। यहां से रोजाना होशंगाबाद, इटारसी, बैतूल, नागपुर मार्ग की 200 बसों का संचालन होता है।
शहर का पुराना नादरा बस स्टैंड के रेलवे स्टेशन के पास होने से यहां से बड़ी संख्या में लोग भोपाल के आसपास लगे जिलों तक बसों से पहुंचते हैं। बस स्टैंड परिसर में अस्थाई अतिक्रमण है। न पूछताछ खिड़की है और न ही टॉयलेट की व्यवस्था। नालियां खुली होने से बदबू की समस्या है। यहां से रोजाना विदिशा व अन्य मार्गों की 70 बसों का संचालन होता है।
वहीं पुतलीघर बस स्टैंड पर यात्रियों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं हैं। पीने का पानी, बसों को खड़े होने के लिए प्लेटफार्म नहीं है। सीमेंट कांक्रीट की सड़क पर बसें लाइन से खड़ी रहती हैं। दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था नहीं है। न बसों का एनाउंसमेंट होता है और न ही एडवांस टिकट बुक करने की व्यवस्था है। यहां से बैरसिया,सिरोंज मार्ग की 120 बसें रोजाना संचालित होती हैं। उधर हलालपुर बस स्टैंड से इंदौर मार्ग की 160 बसों का संचालन होता है। बस स्टैंड पर अस्थाई अतिक्रमण, गंदगी की समस्या दूर नहीं हुई है। यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। न टेलीफोन नंबर है न ही किराए की अपडेट सूची लगी है। इस बारे में संभागायुक्त कवींद्र कियावत का कहना है कि मैंने कुछ दिन पहले ही नगर निगम व परिवहन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली थी। जिसमें बस स्टैंड पर बुनियादीं सुविधाएं बहाल करने व बसों का संचालन संबंधी जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिए थे। यदि जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो एक दिन औचक निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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