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राज्यों के साथ सद्भावना केन्द्र की प्राथमिकता :राजनाथ

नयी दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि केन्द्र ने सहकारी संघवाद को बढावा देने के लिए हाल के वर्षों में कई कदम उठाये हैं और राज्यों के साथ सद्भावना पूर्ण संबंध बनाना केन्द्र सरकार की प्राथमिकता है। श्री सिंह ने यहां अंतर राज्यीय परिषद की स्थायी समिति की 12 वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राज्यों के साथ सहयोग बढाना केन्द्र के लिए महत्वपूर्ण है और वह सहकारी संघवाद को बढावा देने के लिए इस दिशा में कदम उठाता रहेगा। उन्होंने बैठक में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज सभी मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक बातचीत हुई है।

उन्होंने कहा कि यह केन्द्र के प्रयासों का ही नतीजा है कि दस वर्षों के बाद अंतर राज्यीय परिषद की 2016 में बैठक हुई और इसके बाद से स्थायी समिति की बैठक नियमित रूप से हो रही है। इससे केन्द्र तथा राज्यों के बीच परस्पर सहयोग बढा है। उन्होंने इस बात पर भी संतोष जताया कि अब क्षेत्रीय परिषदों की बैठक नियमित और निर्धारित अंतराल पर हो रही है । केन्द्र का प्रयास है कि हर साल सभी क्षेत्रीय परिषदों की एक बैठक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में राज्यों के बीच तथा केन्द्र और राज्यों के कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में इस तरह के 82 तथा 2016 में 140 मुद्दों का समाधान किया गया था।

श्री सिंह ने कहा कि स्थायी समिति की अगली बैठक के बाद पंछी आयोग के बारे में इनकी सिफारिशें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली स्थायी समिति के समक्ष रखी जायेंगी। आज की बैठक में केन्द्र से राज्यों को वित्त हस्तांतरण , जीएसटी , स्थानीय निकायों का कामकाज और ढांचा, जिला योजना, पांचवी और छठी अनुसूची से संबंधित क्षेत्रों के प्रावधान, सांप्रदायिक सद्भावना, केन्द्रीय बलों की तैनाती , आव्रजन से जुड़े मुद्दे , पुलिस सुधार , आपराधिक न्याय प्रणाली और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गयी।
बैठक में वित्त मंत्री अरूण जेटली , सामाजिक न्याय एवं आधिकारित मंत्री थावरचंद गेहलोत, छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, ओडिशों के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने हिस्सा लिया। इसके अलावा विधि और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद तथा आवास और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बैठक में मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश , पंजाब और आन्ध्र प्रदेश के मंत्रियों ने बैठक में अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व किया। केन्द्र के 30 मंत्रालयों तथा विभागों और 7 राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

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