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रीटेलर्स एसोसिएशन आॅफ इण्डिया ने आयोजित किया रीटेल इण्डिया समिट एण्ड एक्सपो

भारतीय रीटेल उद्योग के दिग्गजों ने ‘कोलाबोरेशनः द न्यू बिजनेस इम्परेटिव’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए

नई दिल्लीः भारत में खुदरा विक्रेताओं की सर्वोच्च संस्था रीटेलर्स एसोसिएशन आॅफ इण्डिया ने आज रीटेल इण्डिया समिट एण्ड एक्सपो 2017 का आयोजन किया। ‘कोलाबोरेशनः द न्यू बिजनेस इम्परेटिव’ की थीम पर आधारित इस सम्मेलन में भारतीय रीटेल उद्योग के दिग्गजों एवं नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया तथा कारोबार में कोलाबोरेशन यानि सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
‘‘उपभोक्ताओं की बदलती ज़रूरतों के मद्देनज़र रीटेलरों के लिए भी बदलना ज़रूरी है। कोई भी अकेले रह कर ऐसा नहीं कर सकता, इसलिए रीटेल उद्योग में सहयोग यानि कोलाबोरेशन बहुत अधिक मायने रखता है। रीटेलरों को मूल्य श्रृंखला में जोखिम का सामना भी करना पड़ता है। उन्हें मर्चेन्डाइज़, लोगों, स्थान, पैसा और तकनीक आदि सभी दृष्टिकोणों से आपसी सहयोग की आवश्यकता है ताकि वे उपभोक्ताओं को सर्वश्रेष्ठ सम्भव सेवाएं उपलब्ध करा सकें। आरएआई में हम रीटेल उद्योग के खुदरा विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को ऐसा मंच प्रदान करते हैं जिसके ज़रिए वे भावी साझेदारों की तलाश कर सकें और उनके साथ सहयोग में काम कर सकें। राईस 2017 ऐसी ही एक पहल है।’’ आरएआई के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा।
सभा को सम्बोधित करते हुए भारत सरकार में वित्त विभाग के माननीय मंत्री श्री संतोष कुमार गंगवार, जो इस मौके पर माननीय अतिथि थे, ने भारतीय अर्थव्यवस्था में रीटेल यानि खुदरा उद्योग के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने रीटेलरों के लिए कारोबार को सुगम बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स यानि जीएसटी को तत्परता से अपनाने के लिए रीटेलरों का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार भारत में रीटेल के विकास हेतू प्रयासरत हैं। सम्मेलन ने रीटेलरों को मौजूदा रूझानों के बारे में जानकारी दी। एक्सपो ने उन्हें एक ऐसा मंच प्रदान किया जिसके माध्यम से उन्हें कारोबार के सही साझेदार और सही समाधान खोजने का मौका मिला, जिसकी मदद से वे अपने कारोबार को नए स्तर तक ले जा सकते हैं।
सम्मेलन के दौरान नीचे दिए गए विषयों पर चर्चा की गईः

  • द फ्यूचर आॅफ रीटेलः एमर्जिंग टेकनोलोजी एण्ड स्टोर फाॅर्मेट The Future of Retail: Emerging Technology and Store Formats.
  • क्रिएटिंग मेमोरेबल कस्टमर एक्सपीरिएंसः टुगेदर वी विन Creating Memorable Customer Experience: Together We Win
  • ओमनी-चैनल सक्सेस थ्रू डिजिटल ट्रंासफोर्मेशन Omni-channel success through Digital Transformation
  • टेªेंड्स एण्ड इनोवेशन इन रीटेल रियल एस्टेट Trends and Innovation in Retail Real Estate .जीएसटी सत्र कार्यक्रम के आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहा जिसमें रीटेलरों और कर पेशेवरों को गुड्स एण्ड सर्विस टैक्स से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जानने का मौका मिला।
    विशेषज्ञों के पैनल में शामिल थेः
    > ऋषभ स्वंनसुख, संस्थापक, जीएसटी स्ट्रीट
    > अनिल बहल, अप्रत्यक्ष करों के प्रमुख, भारती एयरटेल लिमिटेड
    > बिमल जैन, चेयरमैन- अप्रत्यक्ष करों के चेयरमैन, पीएचडी चैम्बर्स
    > विनोद जैन, संस्थापक, INMACS
    > सुजीत घोष, साझेदार, अद्वैता लीगल
    > जेपी भजोरिया, रीजनल आॅपरेशन्स हैड- उत्तरी भारत, उद्योग साॅफ्टवेयर
    > अरुण गुप्ता, संस्थापक, विन ओवर कैंसर एण्ड पार्टनर, जीएसटी स्ट्रीट
    > सीए, उत्सव डोगरा, जीएसटी ट्रेनर एण्ड कन्सलटेन्ट

    विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की जैसेः
    > जीएसटी में ऐप्लीकेशन सेवा प्रदाता कम्पनी की रीढ़ होगा। अगर किसी कम्पनी का एएसपी अच्छा है तो यह अनुपालन के नज़रिए से गलत नहीं हो सकती।
    > रीटेलरों को अपना मार्जिन कम होने के लिए तैयार रहना होगा।
    > रीटेलरों को जीएसटी प्रणाली में सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा।
    > जीएसटी के पीछे इरादा अच्छा है और फेज़ 2 में सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
    > पहली बार हम पूरे भारत को ध्यान में रखते हुए काम करेंगे, अब हम चाहे कन्याकुमारी में कारोबार करें या दिल्ली में फायदा एक जैसा होगा।
    > जीएसटी के तहत ट्रांस-1 की फाइलिंग जल्दी में न करें।
    > कम्पनियों को अपने सभी रिकाॅर्ड बनाए रखने केे लिए अच्छे टैक्स विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए ताकि उनका कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट छूट न जाए।
    उपस्थितगणों को डिज़ाइन थिंकिंग पर आयोजित एक मास्टरक्लास से भी लाभान्वित हुए, जिसे अनुभवी विशेषज्ञ सुरेन्दर ग्नानोलिवु के द्वारा पेश किया गया था। राईस 2017 क्षेत्र के रीटेलरों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

About Retailers Association of India:
Retailers Association of India (RAI) is the unified voice of Indian retailers. RAI works with all the stakeholders for creating the right environment for the growth of the modern retail industry in India. It is a strong advocate for retailing in India and works with all levels of government and stakeholders with the aim to support employment growth and career opportunities in retail, to promote and sustain retail investments in communities from coast-to-coast, and to enhance consumer choice and industry competitiveness. http://www.rai.net.in

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