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रेलवे अधिकारियों को प्रेरित करने के लिए सेमिनार में 100 से अधिक अधिकारियों ने लिया भाग

स्वामी निखिलानंद सरस्वती तथा अनिल भटनागर ने दिये प्रेरणात्मक व्याख्यान

जयपुर। रेलवे में अधिकारियों को प्रेरित करने नवाचार को बढ़ावा देने तथा कार्य प्रक्रिया का सरलीकरण व सुधार के लिए दिनांक 21.08.18 को अरावली सभागृह गणपति नगर रेलवे कॉलोनी में प्रेरणात्मक सेमिनार का आयोजन किया गया।
उत्तर पश्चिमी रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी श्री तरूण जैन के अनुसार उत्तर पष्चिम रेलवे पर कार्यरत 100 से अधिक अधिकारीगण के लिये प्रेरणात्मक सेमिनार का आयोजन किया गया, भारतीय रेलवे पर यह प्रथम बार उत्तर पश्चिमी रेलवे पर पहल की गई, जिसमें नये तथा कनिष्ठ ग्रेड के अधिकारियों को संवाद करना तथा संवाद करने के लिये प्रेरित करने के उदेश्य को ध्यान में रखकर किया गया है। इसके साथ ही उनको दिन प्रतिदिन के कार्यों के प्रति सकारात्मक तथा प्रक्रिया सुधार एवं नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष व्याख्यान दिये गये। इस सेमिनार में चिन्मय मनीष, गोवा के स्वामी निखिलानंद सरस्वती तथा लेखक, कहानी-वाचक व कार्पोरेट ट्रेनर श्री अनिल भटनागर मुख्य वक्ता रहे।
श्री अनिल भटनागर, लेखक, कहानी-वाचक व कार्पोरेट ट्रेनर ने सेमिनार में उपस्थित अधिकारियों से चर्चा करते हुये कहा कार्य स्थल पर कार्य के दौरान सब लोग खुष रहे तथा माहौल खुशनुमा बना रहने से कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होती है। उन्होनें अपने व्याख्यान में दिन-प्रतिदिन के कार्यों में आने वाली चुनौतियों, एकाग्रता तथा जिज्ञासा जैसे विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि दिन-प्रतिदिन के कार्यों में नवीनता को सम्मलित करना ही नवाचार है और इससे निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है और इनका प्रभाव हमेषा संगठन के लिये प्रगतिशील होता है।
स्वामी निखिलानंद सरस्वती, चिन्मय मिषन, गोवा ने व्याख्यान में कहा कि आज सकारात्कमता के साथ किये गये कार्यों का प्रतिफल सदैव ही बेहतर आता है और यह सफलता की कुंजी भी है, किसी भी संगठन में सकारात्मक महौल ही टीम भावना को बेहतर कार्य करने के लिये प्रेरित करता है।
श्री टी.पी. सिंह, महाप्रबंधक-उत्तर पश्चिमी रेलवे ने कहा कि इस रेलवे पर कार्यरत् सभी अधिकारी और कर्मचारी पूर्ण मनोयोग से कार्य कर रहे है, इस सेमिनार के आयोजन का प्रमुख उदेशीय अधिकारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है, जिससे वह स्वयं के साथ-साथ अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाकर उन्हें प्रेरित करे तथा उनकी कार्यक्षमता के साथ-साथ उत्पादकता में भी वृद्धि हो।

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