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रेलवे ने बदल दिए हैं ये 5 नियम, जिन्हें नहीं जाना तो होगी दिक्कत

भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों के लिए कुछ नियम बदले हैं. आप आने वाले महीनों में रेलवे से सफर करने की तैयारी में हैं या फिर सफर करते हैं, तो आपको ये बदलाव जानने जरूरी हैं.

  1. सोने का समय : अब आरक्षित बोगी में सफर के दौरान आप सिर्फ 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ही सो सकेंगे. रेलवे ने यात्रियों के बीच सीट को लेकर होने वाले विवादों की वजह से यह फैसला लिया है. रेलवे ने अपने सर्कुलर में कहा है कि इस समय के अलावा किसी भी यात्री को सीट पर बैठने से इसलिए नहीं रोका जा सकता है, क्योंकि आप सो रहे हैं.
  2. बदल गए हैं कैशलेस पेमेंट चार्जेस : अगर आप पेटीएम, पेयू, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक के पेमेंट गेटवे से डेबिट कार्ड से पेमेंट करते हैं, तो इसके लिए चार्जेस बदल गए हैं. अगर आप 1 हजार रुपये तक भारतीय रेलवे की सर्विस के लिए खर्च करते हैं, तो आपको 0.25 फीसदी चार्ज देना होगा. 1000 से 2000 के बीच खर्च के लिए आपको 0.5 फीसदी चार्ज देना होगा और 2000 से ज्यादा के खर्च पर आपको 1.0 फीसदी चार्जेस देने होंगे.
  3. ट्रेन लेट तो मिलेगा रिफंड : भारतीय रेलवे ने साफ किया है कि अगर कोई ट्रेन 3 घंटे लेट होती है, तो रिफंड रेलवे रिफंड नियमों के तहत ही मिलेगा. हालांकि इसके लिए आपको टीडीआर के पास बोर्डिंग स्टेशन में ही शिकायत दर्ज करनी होगी और ये तब ही मिलेगा अगर यात्री ने ट्रेन के लेट होने की वजह से सफर नहीं किया हो.
  4. राजधानी के लिए फ्लेक्सी फेयर सिस्टम : अगर आप राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेन से सफर करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए है. रेलवे अब इनके बेस फेयर को फ्लेक्सी फेयर सिस्टम के आधार पर वसूलेगी. रेलवे ने 7 सितंबर को जारी सर्कुलर में कहा है कि किराये में 10 फीसदी बर्थ बुक होने के हिसाब से 10 फीसदी की दर से बढ़ोत्तरी होगी. हालांकि गुुरुवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसमें बदलाव करने के संकेत दिए हैं.
  5. नहीं लगेगा रिजर्वेशन चार्ट : मीडिया रिपोर्ट की मानें तो भारतीय रेलवे अब कई ट्रेनों पर रिजर्वेशन चार्ट नहीं लगाएगी. इसमें नई दिल्ली, मुंबई सेंट्रल, मुंबई सीएसटी, चेन्नई सेंट्रल, कोलकाता हावड़ा जंक्शन और कोलकाता सियालदाह जंक्शन से बनकर चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं. ऐसे में आपको अपनी सीट की जानकारी के लिए आॅनलाइन पता करना होगा या फिर आप टीटीई से ही इस बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे. आप पीएनआर नंबर के जरिये भी जानकारी हासिल कर सकते हैं.

 

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