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विज्ञान में महत्वपूर्ण यह है कि ज्ञान का उपयोग सही दिशा में हो: डॉ राजेन्द्र कुमार

समापन समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे शिरकत, करोड़ों की परियोजनाओं का होगा शुभारंभ

फरीदाबाद। वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा हरियाणा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय विज्ञान सम्मेलन आज प्रारंभ हो गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य आकर्षण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर प्रदर्शनी, लघु फिल्म तथा विशेषज्ञ व्याख्यान है, जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी हिस्सा ले रहे है। सम्मेलन का उद्घाटन आज दीनबन्धु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल के कुलपति डॉ राजेन्द्र कुमार अनायत ने किया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने की। इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विज्ञान भारती के महासचिव श्री जयकुमार, चैधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी के कुलसचिव डॉ. भगवान सिंह चैधरी तथा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एस के शर्मा भी उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुद्रण तकनीक के प्रमुख अकादमीशियन डॉ राजेन्द्र कुमार अनायत ने विद्यार्थियों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझे किये तथा उन्हें जीवन में लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आप कितना ज्ञान रखते है, अपितु यह अधिक महत्वपूर्ण है कि आपके द्वारा अर्जित ज्ञान का सही उपयोग सुनिश्चित हो। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जीवन में लक्ष्य निर्धारित करें तथा उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें। कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने मुख्य अतिथि डॉ. राजेन्द्र कुमार अनायत ने स्मृति चिह्न भेंट किया। इस दौरान गणमान्य अतिथियों ने विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों द्वारा तैयार किये गये विज्ञान मॉडल्स की सराहना की।  सम्मेलन के दूसरे दिन गुरूवार को मुख्यमंत्री श्री महोहर लाल समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे तथा विश्वविद्यालय में लगभग 60 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास तथा उद्घाटन करेंगे।

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