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विश्वविद्यालय दर्जे के बगैर अब संस्थान नहीं बांट सकेगा डिग्री, डिप्लोमा

नई दिल्ली । विश्वविद्यालय या उसके समकक्ष दर्जे के बगैर अब कोई भी संस्थान डिग्री, डिप्लोमा और उपाधियां नहीं बांट सकेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दूरस्थ और मुक्त शिक्षा के तहत संचालित देश के 12 ऐसे संस्थानों को तुरंत विश्वविद्यालय में तब्दील होने का अल्टीमेटम दिया है।  साथ ही कहा है कि यदि वह ऐसा नहीं करते है तो वर्ष 2018 के बाद से उनकी ओर से दी जाने वाली डिग्री, डिप्लोमा और उपाधियां अवैध होंगी। यूजीसी ने इन सभी संस्थानों को यह अल्टीमेटम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (मुक्त और दूरस्थ माध्यमों से शिक्षा प्राप्ति) विनियम 2017 में किए गए बदलावों के बाद दिए हैं।

आयोग ने इस दौरान देश के 12 ऐसे संस्थानों को भी चिन्हित किया है, जो मौजूदा समय में अपनी खुद की क्षमता और संसाधन (स्टैंडअलोन) के आधार पर संचालित हो रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें दो सरकारी संस्थान भी हैं। इनमें एक हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट (एनआइआरडी) है और दूसरा दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर (एनआइएचएफडब्लू) है। खास बात यह है कि इन संस्थानों का संचालन अभी तक यूजीसी के नियमों के तहत किया जाता था। इनके द्वारा प्रदान की जाने वाली डिग्री, डिप्लोमा और उपाधियां मान्य थीं। इनमें ज्यादातर स्नात्कोत्तर डिप्लोमा के कोर्स संचालित हो रहे थे। आयोग द्वारा रेगुलेशन में किए गए बदलावों के बाद अब इन्हें डिग्री, डिप्लोमा बांटने के लिए विश्वविद्यालय का दर्जा लेना होगा।

इन संस्थानों को दिया अल्टीमेटम-
यूजीसी ने जिन संस्थानों को अल्टीमेटम दिया है, उनमें दिल्ली स्थित आल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन, इंस्टीट्यूट ऑफ रेल ट्रांसपोर्ट, टीईसीएनआइए इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज, बेंगलुरु स्थित आइएफआइएम बिजनेस स्कूल, पुणे स्थित सिंबोसिस सेंटर ऑफ डिस्टेंस लर्निंग, एमआइटी स्कूल ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन, नवी मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैटेरियल मैनेजमेंट, मुंबई स्थित डब्लूआइएमआरडी, भुवनेश्वर स्थित एशियन स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट और आइएमटी डिस्टेंस एंड ओपेन लर्निंग इंस्टीट्यूट है।

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