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विश्व पर्यटन दिवस विशेष : भारत में पर्यटन विकास की विपुल संभावनाएं     

 विश्व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितंबर को मनाया जाता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1980 से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व पर्यटन दिवस आयोजित करने की शुरुआत 27 सितंबर को की थी । तब से निरंतर विश्व पर्यटन दिवस विश्व के सभी देश मनाते चले आ रहे हैं । इस दिवस को मनाने का उद्देश्य विश्व में इस बात को प्रसारित तथा जागरूकता फैलाना हैं कि किस प्रकार पर्यटन वैश्विक रुप से, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, तथा आर्थिक मूल्यों तथा आपसी समझ बढ़ाने में सहायता कर सकता है। भारत को पर्यटन का अजायबघर कहा जाता है। देश में पर्यटन विकास की विपुल संभावनाएं है। हालाँकि पिछले वर्ष विदेशी पर्यटकों की संख्यां में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है मगर इसे उल्लेखनीय वृद्धि नहीं कहा जा सकता। विश्व में अनेक देश केवल  पर्यटन  पर आत्मनिर्भर  है। आजादी के 70 वर्षों बाद भी हम यह क्षेत्र में आशातीत रूप से आगे नहीं बढ़ पाए है। हमें अपनी कमियां टटोलनी पड़ेगी जिसके कारण पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रकृति प्रदत संभावनाओं का पूरा उपयोग नहीं कर पाए है। पर्यटन को जन उद्योग के रूप में विकसित करने की जरुरत है। यहाँ यह  कहावत सटीक बैठती है कि घर  में  छोरा और  बगल में  ढिंढोरा।  हमारे प्रधानमंत्री मोदी के इस दिशा में प्रयास अतुलनीय कहे जा सकते है। मगर सरकार के साथ साथ जब तक हम  सकारात्मक  और  मित्रवृत  माहौल  उत्पन्न  नहीं  करेंगे  तब  तक  आशा  की  नई  किरण  लाख  प्रयासों  के  बाद  भी  धुंधली  रहेगी।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ब्रांड एम्बेस्डर की भूमिका निभा रहे हैं और विश्व के सामने भारत को प्रोमोट कर रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा की गई यात्रा वाले देशों से विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ा है। 2016 में 88.90 लाख विदेशी पर्यटक भारत आये, जबकि इससे पिछले वर्ष यह आंकड़ा 80.27 लाख था जिसमें 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मोदी ने पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित करने में युवा शक्ति की भागीदारी को रेखांकित किया है। भारत विश्व के पाँच शीर्ष पर्यटक स्थलों में से एक है। विश्व पर्यटन संगठन और वर्ल्ड टूरिज्म एण्ड ट्रैवल काउन्सिल तथा पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणीय संगठनों ने भारतीय पर्यटन को सबसे ज्यादा तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र के रूप में बताया है। भारतीय पर्यटन की कुछ खूबियां इस प्रकार हैं-भारत विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्वास्थ्यवर्धक स्थलों में से एक है। विश्व पर्यटन संगठन ने भारतीय पर्यटन को सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रहे उद्योग के रूप में घोषित किया है। पर्यटन देश का तीसरा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला उद्योग है। देश की कुल श्रम शक्ति में से 6 प्रतिशत को पर्यटन में रोजगार मिला हुआ है। पर्यटन उद्योग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। भारत के विशाल तथा तटीय क्षेत्र, अछूते वन, शान्त द्वीप समूह, वास्तुकला की प्राचीन, ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक परम्परा, रंगमंच तथा कलाकेन्द्र पश्चिम के पर्यटकों के लिए आकर्षण के केन्द्र हैं। विदेशी पर्यटकों के प्रति आत्मीयता दर्शाने के लिए सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम अतिथि देवो भव शुरू किया गया है।  पर्यटन में देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने की क्षमता है, क्योंकि यह विदेशी मुद्रा अर्जित करने, रोजगार देने तथा महिलाओं को सशक्त बनाने का साधन है। पूरा विश्व वैश्विक गांव बन गया है और पर्यटन अपने देश को शेष दुनिया से जोड़ने का ताकतवर औजार है। पर्यटन मंत्री ने भारतीय हस्तकला को भारत की संस्कृति के भाग के रूप में मूल्यावान बताते हुए कहा कि हस्तकला संवर्धन पर्यटन प्रोत्साहन का आवश्यक भाग बनाया जाना चाहिए।    2016 में पर्यटन ने देश के सकल घरेलू उत्पाद में 14.02 लाख करोड़ का योगदान दिया और इसमें 9.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पर्यटन के कारण 40.343 मिलियन नौकरियां सृजित हुईं जो अपने कुल रोजगार का 9.3 प्रतिशत है। 6.8 प्रतिशत की वार्षिक गति से बढ़ने के साथ इस क्षेत्र के 2027 तक 28.49 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है जो हमारी जीडीपी का 10 प्रतिशत है। तीर्थ पर्यटन की संख्या में भी हर साल लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। विश्व आर्थिक मंच की पर्यटन रिपोर्ट के अनुसार, विश्व के 136 देशों में भारत का 40वां स्थान है। मौजूदा सरकार द्वारा सड़कों के नेटवर्क, उच्च गति वाले रेल और हवाई सेवाओं, शानदार होटल की सुविधा, व्यावसायिक अवसरों, नकद रहित भुगतान प्रणाली, स्वच्छ वातावरण और उदारवादी वीजा व्यवस्था तथा उपयुक्त मानव संसाधनों में किए जा रहे सुधारों से पर्यटन के क्षेत्र का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग और खर्च करने की अतिरिक्त क्षमता में बढ़ोतरी से घरेलू और विदेशी पर्यटन के विकास को लगातार मदद मिल रही है। 2016 में घरेलू पर्यटकों के आगमन का आंकड़ा 15.5 फीसदी वर्ष दर वर्ष बढ़कर करीब 1.65 बिलियन हो गया। विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है और पर्यटन के माध्यम से भारत की विदेशी मुद्रा आय में 32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और अप्रैल, 2017 में यह 2.278 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गई। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि 2030 तक  भारत वैश्विक स्तर पर व्यापार से संबधित शीर्ष पांच बाजारों में स्थान बना लेगा । भारत के विदेशी पर्यटक आगमन में पिछले तीन वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह संख्या अप्रैल, 2017 में 7.40 लाख थी जो अप्रैल 2016 में 5.99 लाख और अप्रैल 2015 में 5.42 लाख थी। 

– बाल मुकुन्द ओझा, वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकारडी-32, माॅडल टाउन, मालवीय नगर, जयपुर, (मो. 9414441218)

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